संवाद न्यूज एजेंसी
इटवा। नगर पंचायत बनने के बाद भी इटवा कस्बे में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। पेयजल की आपूर्ति, आवागमन के लिए रास्ते व साफ-सफाई के लिए आज भी कस्बावासी तरस रहे हैं। कस्बे में स्थित डाकखाना व होम्योपैथिक अस्पताल के लिए रास्ता नहीं है, और न ही सांकेतिक बोर्ड ही है, जिसके चलते लोगों को इन केंद्रों तक पहुंचने के लिए भटकना पड़ रहा है।
इटवा कस्बा के नगर पंचायत घोषित होने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि कस्बे में सुविधाएं बढ़ जाएंगी। कस्बे में पेयजल की आपूर्ति, साफ-सफाई, आवागमन का रास्ते व अघोषित विद्युत कटौती से मुक्ति मिल जाएगी, जबकि चार वर्ष बाद भी यहां के लोगों को शुद्ध पेयजल की सुविधा मयस्सर नहीं है, और न ही आवागमन के रास्ते सुलभ हैं।
कस्बे में बना होम्योपैथिक अस्पताल व डाकखाना पहुंचने के लिए कोई रास्ता नहीं है, और न ही कोई सांकेतिक बोर्ड ही है। चेयरमैन विकास जायसवाल का कहना है कि शीघ्र ही आवागमन रास्तों का निर्माण कार्य कराया जाएगा।