- तय तिथि पर नहीं हुआ मूल्यांकन कार्य तो परीक्षा परिणाम में होगी देरी
- विरोध के चलते 40 हजार के बजाए 9129 कॉपियों का मूल्यांकन
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की गति शिक्षकों के विरोध के चलते थम गई। विरोध के बाद किसी प्रकार से शनिवार को नौ हजार कॉपी का मूल्यांकन हो पाया है। इधर दो दिन अवकाश हो गया। अगर विरोध आगे चला तो तय समय में मूल्यांकन पूरा नहीं होगा, इससे परीक्षा परिणाम पर असर पड़ेगा।
बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन जिले में तीन केंद्रों पर 16 मार्च से शुरू हुआ जो 31 मार्च तक पूरा करना है। वाराणसी के शिक्षक की हत्या के बाद माध्यमिक शिक्षक संघ प्रदेश नेतृत्व ने विरोध में पहले ही मूल्यांकन कार्य पूर्ण रूप से एक दिन बंद किया था। शनिवार को फिर प्रदेश के आह्वान पर दो करोड़ आर्थिक सहायता देने की मांग के समर्थन में कार्य बहिष्कार किया। बहिष्कार के चलते मात्र नौ हजार कॉपी का मूल्यांकन शनिवार हो पाया।
इधर रविवार और होली का अवकाश है। वहीं 1326 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई थी, जिसमें 500 से अधिक शिक्षक मूल्यांकन कार्य में नहीं आ रहे हैं। इससे मूल्यांकन प्रभावित हो रहा है। अगर एक बार फिर विरोध के स्वर उठे तो मूल्यांकन पर बहुत असर पड़ेगा। 31 मार्च तक मूल्यांकन भी पूरा नहीं हो पाएगा। ऐसे में परीक्षा परिणाम में जारी होने में समय लगेगा।
इस संबंध में डीआईओएस सोमारू प्रधान ने बताया कि मूल्यांकन कार्य तय समय पर पूरा कराया जाएगा। शिक्षक मूल्यांकन कार्य करेंगे।