विकास भवन का गेट बंद कर प्रर्दशन करतीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता।
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सिद्धार्थनगर। बीएलओ के ड्यूटी न करने पर चार कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई से महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ भड़क उठा है। गुस्साई कार्यकर्ता और सहायिकाओं ने सोमवार को विकास भवन पर ताला जड़ दिया। जिला प्रशासन और सरकार विरोधी नारे लगाए। करीब एक घंटे तक तालाबंदी से विकास भवन में स्थित दो दर्जन विभागों के अधिकारी और कर्मचारी दफ्तर में ही कैद रहे। मौके पर पहुंचे सदर एसडीएम व सीओ ने कार्यकर्ताओं से वार्ता कर किसी प्रकार ताला खुलवाया। तालाबंदी व प्रदर्शन से विकास भवन परिसर में पूरे दिन गहमागहमी रही। साथ ही कामकाज बाधित रहा।
मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य के लिए रविवार को प्रत्येक बूथ पर बूथ दिवस मनाने का निर्देश था। बूथों पर बीएलओ को खुद मौजूद रहना था। बीएलओ के रूप में तैनात ज्यादातर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कलमबंद हड़ताल के चलते बूथों पर नहीं पहुंची।
डीएम ने निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित चार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को कार्यमुक्त करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को यह खबर जैसे ही पहुंची, आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ लामबंद हो गया। कलेक्ट्रेट पर एकत्रित कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष प्रभावती देवी, किरन श्रीवास्तव आदि के नेतृत्व में विकास भवन पहुंच गईं और वहां प्रवेश के दोनों गेटों पर ताला जड़कर धरने पर बैठ गईं। कार्यकर्ताओं ने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। उनका कहना था कि दो सितंबर से हड़ताल चल रही है, लेकिन सरकार बेपरवाह बनी हुई है।
कार्यकर्ता अपनी इच्छा से नहीं, सरकार की मनमानी से हड़ताल पर हैं। ऐसे में प्रशासन की यह कार्रवाई निंदनीय है। अगर बीएलओ ड्यूटी के लिए शासन-प्रशासन गंभीर है तो पहले हमारी मांगें पूरी कराए। तालाबंदी की सूचना मिलते ही सदर पुलिस सहित भारी फोर्स विकास भवन पहुंच गई। एसडीएम योगानंद पांडेय, सीओ अकमल खां ने मौके पर आकर प्रदर्शनकारियों से वार्ता की तथा ताला खोलने का आग्रह किया। कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट कहा कि ताला तभी खुलेगा, जब कार्रवाई वापस होगी। एसडीएम ने उच्चाधिकारियों से वार्ता का आश्वासन देकर किसी प्रकार ताला खुलवाया।