-डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में बड़ी अकीदत और परंपरागत तरीके से मनाया गया शब-ए-बरात
-शाम होते ही रोशनी से नहा उठे इबादतगाह और कब्रिस्तान
संवाद न्यूज एजेंसी
डुमरियागंज। मुस्लिम समुदाय का विशेष महत्वपूर्ण पर्व शबेबरात बृहस्पतिवार की रात को डुमरियागंज तहसील क्षेत्र में बड़ी अकीदत के साथ मनाया गया। इसमें अकीदतमंदों ने मस्जिदों और इबादतगाहों में पूरी रात जागकर अल्लाह की इबादत की। वहीं कब्रिस्तान में जाकर वालिदैन की कब्रों पर फातिहाखानी की। रात में लोगों ने इबादतगाह और कब्रिस्तान पर सबील लगाकर लोगों को पानी, शरबत, चाय पिलाई।
इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक शाबान माह की 14 तारीख को शब-ए-बरात का त्योहार पूरी अकीदत और परंपरागत तरीके से शांतिपूर्ण माहौल में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मस्जिदों और कब्रिस्तानों में खास सजावट की गई। जहां इबादत, तिलावत और विशेष नमाज अदा की गई।
शब-ए-बरात पर विशेष व्यंजन के रूप में घरों में हलवा पूरी बनाई गई और फातिहा दिला कर एक दूसरे के घरों में वितरित किया गया। शब-ए-बरात पर लोगों ने पटाखे और फुलझड़ियां जलाईं। तहसील मुख्यालय डुमरियागंज स्थित मस्जिदों तथा बैदौला, हल्लौर, बयारा, बसडीलिया, शिकाहरा मोतीगंज, टिकरिया, कादिराबाद, बिथरिया सहित क्षेत्र की तमाम मस्जिदों, दरगाहों, कब्रिस्तानों को छोटी-छोटी, रंग बिरंगी लाइटों से सजाया गया था।
हल्लौर स्थित कर्बला पर मेहंदी कुएं के पास और बगाहवा राप्ती नदी घाट पर महफिल मिलाद आयोजित की गई। जहां शायरों ने शिया समुदाय के आखिरी इमाम इमाम मेहंदी की शान में कलाम कसीदा पेश किया। धर्मगुरुओं ने शब-ए-बरात की फजीलत और महत्व पर प्रकाश डाला।
इस दौरान एसडीएम डॉ. संजीव दीक्षित, सीओ बृजेश कुमार वर्मा, रविकुमार यादव, श्याम सुंदर त्रिपाठी मौजूद रहे।