सिद्धार्थनगर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से आयोजित बोर्ड परीक्षा में सख्ती के बीच दो परीक्षार्थियों के मोबाइल फोन के साथ पकड़े जाने के मामले में विद्यालय पर कार्रवाई की तलवार लटकने लगी है। सख्त जांच और बहुस्तरीय निगरानी के दावों के बावजूद परीक्षा कक्ष तक मोबाइल पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल बन गया है। डीआईओएस की ओर से रिपोर्ट भेजी गई है। ऐसे में विद्यालय के अगले साल डिबार होने का भी खतरा मंडरा रहा है। इसके साथ ही बोर्ड के दिशा-निर्देश के आने के बाद अन्य की भूमिका की भी जांच हो सकती है।
जिले के 119 केंद्रों पर 18 फरवरी से यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा चल रही है। परीक्षा को सकुशल और निष्पक्ष व नकलविहीन संपन्न कराने पर प्रशासन और शासन का जोर है। 25 फरवरी को हाईस्कूल की परीक्षा सुबह की पाली की परीक्षा में उसका बाजार स्थित सोनमती कन्या इंटर कॉलेज में दो छात्रों को मोबाइल के साथ विद्यालय पर तैनात स्टेटिक मजिस्ट्रेट और कक्ष निरीक्षक की ओर से पकड़ा गया था। इसके बाद जिले में हलचल मच गई थी। कार्रवाई करते हुए डीआईओएस की ओर से बोर्ड को रिपोर्ट भेजी गई थी। प्राथमिक स्तर पर दोनों के विरुद्ध बोर्ड नियमों के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सूत्रों की मानें तो अब प्रवेश द्वार पर तलाशी के दौरान क्या नियमों का पालन नहीं हुआ या परीक्षा कक्ष में पहुंचने के बाद किसी तरह की ढिलाई बरती गई, इन सभी बिंदुओं की क्रमवार जांच की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, फुटेज में परीक्षार्थियों की एंट्री, तलाशी की प्रक्रिया और ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की गतिविधियों को मिनट-दर-मिनट देखा जाएगा। माना जा रहा है कि विद्यालय के अगले परीक्षा के लिए डीबार हो सकता है।
इस संबंध में डीआईओएस अरुण कुमार ने बताया कि जिस दिन पकड़ा गया था। उसी दिन रिपोर्ट भेज दी गई थी। जैसा दिशा- निर्देश प्राप्त होगा आगे की और जांच कराई जाएगी।