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Siddharthnagar News: सब्र टूटा तब सामने आया मामला... वरना दब जाती है आवाज

Mon, 02 Mar 2026 12:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का गंभीर मामला सामने आने के बाद एंटी रैगिंग कमेटी की शिकायत पर छात्र पर कार्रवाई की गई। इसके बाद से कैंपस में हलचल मच गई है। मेडिकल कॉलेज यूं तो छोटे-मोटे मामले सामने आए हैं, लेकिन यह मामले प्रशासनिक भवन में ही जांच और कार्रवाई के साथ दंड देकर सुलझा लिए गए। मगर इस बार छात्रों का सब्र टूटा और मामला एंटी रैगिंग कमेटी तक पहुंचा और इसके बाद कड़ी कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी तक दर्ज कराने की नौबत आ गई। इससे पहले भी एक छात्रा ने रैगिंग और उत्पीड़न का आरोप लगाया था। लेकिन, मामला वहीं रफा-दफा हो गया और थाने तक नहीं पहुंचा।
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माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की कक्षाएं संचालित हो रही है। यहां कई वर्ष 2021 से छात्रों का दाखिला हो रहा है। अब छात्रों की तादाद काफी हो गई है। पढ़ाई के साथ बच्चों के लिए हाॅस्टल की व्यवस्था है, जहां पर रहने से लेकर मेस में खाने की व्यवस्था है। मेडिकल कॉलेज में बच्चों की सुरक्षा को लेकर उपाय किए गए हैं। यहां एंटी रैगिंग कमेटी भी बनी हुई है, जिससे इस प्रकार की गतिविधि न होने पाए और अगर होती है तो जांच और कार्रवाई की जाती है।
मेडिकल कॉलेज में शनिवार को एक ऐसा ही मामला सामने आया है। 2025 बैच के छात्रों ने वर्ष 2023 के छात्र के पर मोमबत्ती से जलाने सहित कई प्रकार के उत्पीड़न कर रैंगिंग की शिकायत की। मामला संज्ञान में आने के बाद संबंधित छात्र पर प्रशासनिक कार्रवाई के साथ ही सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है। कॉलेज प्रशासन की ओर से मामले को गंभीरता से लेते हुए यह कार्रवाई की गई, जिससे आगे इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके। होली की छुट्टी में छात्र घर चले गए हैं नहीं तो कैंपस का माहौल कुछ और हो सकता था। स्वास्थ्य विभाग के जानकारों का कहना है कि यह बड़ी कार्रवाई है। इस कार्रवाई से आगे भविष्य में कोई सीनियर जूनियर की रैगिंग करने से पहले सोचेगा।
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टूटा गया सब्र तब पहुंची शिकायत : सूत्रों की मानें तो मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई के बीच रैगिंग को कुछ छात्र अपना अधिकार मानते हैं। इस मामले में भी कुछ ऐसा ही सामने आ रहा है। क्योंकि, एक सीनियर छात्र जूनियर छात्रों को परेशान करता रहा। मजाक करने और थप्पड़आदि मार देने तक तो पढ़ाई में सामान्य स्थिति मानी जाती है। लेकिन, जब मोमबत्ती से शरीर को जलाने पर मामला पहुंचा तो छात्रों का सब्र टूट गया और वह शिकायत करने के लिए विवश हो गए। मामला वार्डन और प्राचार्य तक पहुंचा तो इसे गंभीरता से लिया और कार्रवाई हुई। लेकिन, एक छात्र की ओर से छह छात्रों के साथ रैगिंग के बारे में जो जानकारी आ रही है कि सीनियर और जूनियर का बड़ा महत्व होता है।
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