सिद्धार्थनगर। भनवापुर ब्लॉक के भरवठिया मुस्तकहम गांव में विवाह घर के निर्माण में मात्र 67,434 रुपये के गबन के कारण तीन शरणार्थियों की जान चली गई थी। चार सदस्यीय टीम की जांच में विवाह घर के निर्माण में अनियमितता की पुष्टि हुई है।
अक्तूबर 2022 में हुई घटना के बाद ग्राम प्रधान, जेई और सचिव पर केस दर्ज हुआ था। डीएम संजीव रंजन ने प्रधान इसरार अहमद के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार छीनने एवं तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जिले में अक्तूबार माह में आई भयावह बाढ़ में भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र के अधिकांश गांव प्रभावित थे। इसमें क्षेत्र के भरवठिया मुस्तकम गांव में घर में पानी घुसने के कारण लोग गांव के बाहर ऊंचे स्थान पर बने विवाह घर में शरण लिए थे। 16 अक्तूबर 2022 की रात अचानक विवाह घर का पिलर जमींदोज हो गया था। जब तक लोग कुछ समझ पाते, तीन लोगों की मलबे में दबकर मौत हो गई थी। ग्रामीणों का आरोप था कि कुछ ही दिन पहले हुए विवाह घर के मरम्मत कार्य में अनियमितता की गई है, जिसकी वजह से पिलर ढह गया और तीन लोगों की जान चली गई।
जांच कमेटी की ओर से रिपोर्ट मिलने के बाद ग्राम प्रधान इसरार अहमद को नोटिस जारी किया गया था। 15 दिन के भीतर जवाब मांगा था। उन्होंने प्लास्टर तोड़कर नया प्लास्टर, टाइल्स और खिड़की की मरम्मत की हवाला दिया था। ग्राम प्रधान के जवाब की जांच में पाया गया कि कार्य में अनियमितता से तीन लोगों की जान गई। प्रथम दृष्टया 67,434 रुपये की शासकीय धनराशि का गबन पाया गया है। जिलाधिकारी संजीव रंजन ने ग्राम प्रधान इसरार अहमद का वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार रोकते हुए निर्वाचित तीन ग्राम पंचायत सदस्य की कमेटी के गठन का निर्णय लिया है। साथ ही पीडी को जांच अधिकारी नामित कर निर्देश दिया है कि जांच एवं कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।