इटवा। क्षेत्र के मुड़िला शिवदत्त गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन शुक्रवार रात कथावाचक उत्तम कृष्ण शास्त्री की ज्ञान वैराग्य की कथा सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गए। कथावाचक ने धुंधकारी के मोक्ष की व ज्ञान वैराग्य की कथा सुनाकर भक्तों को भाव विभोर कर दिया। उन्होंने बताया कि भागवत कथा सुनने से घर में सुख शांति आती है।
पितृ दोष की शांति होती है और घर में धन लक्ष्मी की वृद्धि होती है। इसी के साथ कथावाचक ने भागवत की महिमा बताते हुए ज्ञान वैराग्य भक्ति की महिमा को बताया। भागवत कथा सुनने से तीनों चीज साथ मिलते हैं। ज्ञान वैराग्य भक्ति केवल भागवत कथा सुनने मात्र से जीवन में भक्ति का आगमन होता है, जिसके हृदय में भक्ति उसके हृदय में भगवान का वास होता है। चाहे वह बंदर का हृदय हो, चाहे शिवरी का हृदय हो, चाहे निषाद राज का हृदय हो, चाहे गिद्धराज का हो, जिसके हृदय में भक्ति वहां पर भगवान का वास होता है। भागवत कथा सुनने से ज्ञान, बैरागी और भक्ति की प्राप्ति होती है और जीवन में जीवन जीने की कला सीखने को मिलती है। जीवन में धर्म की मर्म को जानने के जिज्ञासा बढ़ती है। इसी के साथ उन्होंने भागवत की विधि को श्रवण करते हुए सभी भक्तों को ज्ञान गंगा में गोता लगवाया।
इस अवसर पर यज्ञाचार्य पं. शशिकांत शास्त्री, वेदप्रकाश शास्त्री, आयोजक यजमान कृष्णा मिश्रा, राज मंगल मिश्र, राधेश्याम , घनश्याम विशाल, शालिनी आदि मौजूद रहे।