संवाद न्यूज एजेंसी
पथरा। विकास खंड मिठवल के पथरा ताल में विदेशी पक्षियों के न आने से तालाब की खूबसूरती पड़ी फीकी है। 53 हेक्टेयर में फैले ताल जहां सर्दी के मौसम में विदेशी पक्षियों के आने से गुलजार रहता था। वहीं, इस वर्ष मेहमान पक्षियों के न आने से ताल की रौनक गायब है।
पथरा कस्बे से सटा पथरा ताल 53 हेक्टेयर में फैला है। जहां सर्दी शुरू होते ही समुद्र पार से विदेशी पक्षियों का आना शुरू हो जाता था। जो नवंबर तक पूरे ताल में हजारों की संख्या में पहुंच जाते थे। पक्षियों का कलरव देखने और सुनने के लिए सुबह-शाम आसपास के गांव के लोग ताल पर पहुंचते थे। इसके साथ ही आसपास के स्कूलों से बच्चे चिड़ियों की चहचहाहट सुनने और उन्हें देखने के लिए पहुंचते थे। इस बार नवंबर के आखिरी सप्ताह में कुछ गिने चुने ही विदेशी पक्षी आए। जो पहले से घात लगाए बैठे शिकारियों के शिकार हो गए।
क्षेत्र के ओम प्रकाश पांडेय, बब्बू पाठक, मनीष पांडेय, कुबेर नाथ, हरिओम पांडेय, बालजी यादव, अरविंद चौधरी सहित अन्य ने बताया कि इस बार अचानक से ताल में मेहमान पक्षी कम आए हैं। यह समझ से परे है। वहीं स्थानीय मछुआरों ने इसकी वजह कम ठंड पड़ना बताई है। यहां विदेशाी पक्षियों का कलरव जनवरी में अधिक सुनाई देता था।
10जेएनडी29: चुनाव जीतने के बाद प्रधान समेत अन्य पदाधिकारी खुशी मनाते हुए। अधिवक्ता- फोटो : रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते यात्री।