सिद्धार्थनगर। शहर के श्रीसिहेंश्वरी देवी मंदिर के निकट श्रीमद्भागवत कथा ज्ञानयज्ञ में शुक्रवार को भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा के दौरान कथावाचक संत आलोकानंद दास ने भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य जन्म का प्रसंग अत्यंत भावपूर्ण शैली में प्रस्तुत किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। बताया कि जब-जब धरती पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं। उन्होंने श्रीकृष्ण के जन्म का वर्णन करते हुए उन्होंने कंस के अत्याचारों और भगवान के प्राकट्य की कथा सुनाई। कथा के माध्यम से उन्होंने बताया कि जीवन में संघर्ष के बाद ही सफलता और अमृत रूपी फल की प्राप्ति होती है। राजा बलि के त्याग और दान की महिमा का भी उल्लेख किया। वामन अवतार की कथा के माध्यम से उन्होंने सिखाया कि सच्चा दान और विनम्रता ही व्यक्ति को महान बनाती है। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए और पूरे परिसर में जयकारों की गूंज रही। इस दौरान विधायक श्यामधनी राही, नर्वेदश्वर सिंह, डॉ. विनयकांत उपाध्याय, आशा उपाध्याय, गरिमा उपस्थिति रहे।