फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Siddharthnagar News: कम उम्र में बढ़ते आत्मघाती कदम चिंताजनक... रहना होगा सावधान

विज्ञापन
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। महज 12 साल के बालक के आत्मघाती कदम से न सिर्फ परिवार, बल्कि समाज को भी झकझोर देने वाला है। इतनी कम उम्र में जीवन से हार मान लेना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। खेसरहा थाना क्षेत्र के बरैनिया गांव में सामने आई घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
विज्ञापन

जानकारों का मानना है कि बच्चों पर बढ़ता दबाव, अपेक्षाओं का बोझ और गुस्से को संभालने की कमी उन्हें इस कगार तक पहुंचा रही है। क्योंकि आत्महत्या के मामले तो जिले में पहले भी आते रहे। पहले जहां इस तरह की घटनाएं 15 वर्ष या उससे अधिक उम्र के किशोरों में देखने को मिलती थीं। वहीं अब 12 वर्ष की आयु में ऐसा कदम उठाया जाना समाज के बदलते मानसिक स्थिति की ओर इशारा करता है।
ऐसा मनोविज्ञानी का राय है। जिले में आत्महत्या के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। एक साल में 98 लोगों ने आत्महत्या की है।
बच्चों की मानसिक स्थिति को गंभीरता से लें

बच्चों में बढ़ती अपेक्षाएं, मोबाइल, गुस्से को सही दिशा न मिल पाने ऐसे कारण हो सकते हैं, जो अंदर ही अंदर उन्हें तोड़ देते हैं। बच्चों में भावनात्मक संवाद की कमी, माता-पिता का व्यस्त जीवन और हर हाल में “अच्छा करने” की अपेक्षा उन्हें भीतर से कमजोर कर रही है। अब समय आ गया है जब बच्चों की मानसिक स्थिति को उतनी ही गंभीरता से लिया जाए जितनी उनकी पढ़ाई या भविष्य को लेकर रहती है। अगर 12 साल के बालक ने ऐसा कदम उठाया है तो बेहद चिंताजनक है।
विज्ञापन
विज्ञापन


- डॉ. रघुवर प्रसाद पांडेय, समाजशास्त्री, महिला पीजी कॉलेज बस्ती्
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें