संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। सूरज की तपिश और उमस भरी गर्मी बीमार करने लगी है, अस्पतालों में मरीजों की तादाद बढ़ने लगी है। गुजरते सावन में जहां लोगों को गर्मी से राहत के लिए बारिश का इंतजार है वहीं भीषण गर्मी में बिजली कटौती मुश्किलें बढ़ा रही है। गर्मी में बच्चों पर संकट को देखते हुए डीएम डॉ. राजा गणपति आर. ने शनिवार से आठवीं तक के सभी स्कूलों का समय सुबह साढ़े सात बजे से दोपहर साढ़े 12 बजे तक करने का आदेश दिया है।
सावन में जेठ जैसी तपिश और उमस वाली गर्मी ने सांस के रोगियों की तकलीफ बढ़ा दी है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी और ओपीडी में ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जिन्हें ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है। साथ ही अचानक ब्लड प्रेशर लो होने की बात सामने आ रही है। इसमें शरीर सुन्न पड़ जा रहा है। चिकित्सा विशेषज्ञ इसे मौसम का असर बता रहे हैं।
उनका कहना है कि अस्थमा के पुराने रोगियों के लिए यह बहुत ही घातक है। वहीं, इम्यूनिटी कमजोर वाले मरीज बीमार पड़ने पर सांस की समस्या से परेशान हो रहे हैं। डॉक्टर के इलाज के साथ ही ठंड और गर्म से बचाव व नियमित दवा लेने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि मौसम इतना गर्म है कि यह सभी की सेहत पर प्रतिकूल असर डाल रहा है। बचाव से ही बीमारी का शिकार होने से बचा जा सकता।
इसलिए हो रही समस्या: विशेषज्ञों के अनुसार कड़ी धूप के साथ गर्मी बहुत है। ऐसे में बुखार के साथ जुकाम हो रहा है। इसके अलावा धूप से आकर ठंडे पानी के साथ ही अन्य ठंडी वस्तु का सेवन करने से समस्या बढ़ रही है। इससे बुखार के साथ कमजोर इम्युनिटी वालों को सांस लेने में समस्या बढ़ जा रही है। यह कारण है कि सांस के रोगियों में वृद्धि हुई है। हालांकि बारिश होने और गर्मी कम होने के बाद समस्या कम हो जाएगी।