फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Siddharthnagar News: कोहरे से थमी वाहनों की रफ्तार... रात में रेंगते हुए चले वाहन

Mon, 09 Feb 2026 12:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। पांच दिनों से सुबह और शाम घने कोहरे के कारण दृश्यता घटकर पांच से 10 मीटर तक रह गई है। ऐसे में वाहनों के पहिये थम से गए हैं और रफ्तार पर ब्रेक लग गया है। इसका सीधा असर यातायात पर पड़ रहा है, जहां छोटे वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी हो गई है। वहीं रोडवेज व निजी बसों की गति भी कम हुई है, जिससे लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में निर्धारित से अधिक समय लग जा रहा है। सड़क मार्ग से यात्रा में देरी के चलते लोग लंबी दूरी की यात्रा रेलवे से करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। कोहरे के कारण सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं, जिससे हाईवे पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने सुरक्षित यात्रा के लिए फॉग लाइट का उपयोग करने, धीमी गति से चलने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है।
विज्ञापन

शनिवार रात इतना अधिक कोहरा था कि थोड़ी दूर का कुछ भी देख पाना संभव नहीं था। रोडवेज बस से शनिवार रात को बस्ती से आने वाले विनोद कुमार का कहना था कि पहले दो घंटे में बस्ती से यहां पहुंच जाते थे। वहीं, कोहरे के कारण रात साढ़े तीन घंटे लग गए। निजी बस चालकों का कहना था कि वह पहले साढ़े छह से सात घंटे में लखनऊ तक की यात्रा पूरी हो जाती थी। अब रात में घने कोहरे के कारण दृश्यता कम होने के कारण आठ से नौ घंटे लग जा रहे हैं। वहीं, गोरखपुर, कानपुर, वाराणसी आदि रूट पर संचालित बसें भी देर से पहुंच रहीं हैं। कुछ ऐसा ही हाल जिले के बांसी, डुमरियागंज, इटवा और अन्य रूटों पर संचालित रोडवेज बसों का है जो निर्धारित समय से देरी से गंतव्य तक पहुंच रहे है।

कोहरा बना मुसीबत, थमी वाहनों की रफ्तार
कोहरे का प्रभाव शहर में भले ही कम हाे, लेकिन रात में शहर से बाहर निकलने वाले वाहन चालकों की रफ्तार थम गई। शनिवार की रात शहर से चिल्हिया तक यात्रा करने वाले अमित कुमार का कहना है कि अभी तक चिल्हिया पहुंचने में 25 मिनट से कम समय लगता था। वहीं रात में वहां पहुंचने में 50 मिनट लग गए। शनिवार रात और रविवार सुबह घना कोहरा यातायात व्यवस्था के लिए मुसीबत का सबब बन गया। कुछ दूर तक देख पाना भी संभव नहीं था। चार पहिया वाहन हेडलाइट जलाकर जलाकर चल रहे थे, लेकिन उनकी रफ्तार बेहद कम नजर आई। हादसे के डर से चालक बहुत धीमी गति से वाहनों को चला रहे थे। दोपहर बाद ही कोहरे से निजात मिल सकी।
विज्ञापन


बढ़ा शीतलहर का प्रकोप
मौसम के बदलते मिजाज ने ठिठुरन भरी सर्दी बढ़ा दी है। सुबह जब लोग घरों से बाहर निकले तो चारों तरफ घना कोहरा ही दिखा। शीतलहर से गलन व ठिठुरन पैदा कर दी। सर्दी ने सड़क पर जीवन यापन करने वालों के लिए मुसीबत पैदा कर दी। अचानक बढ़ी सर्दी के कारण ग्रामीण क्षेत्रों से पैदल या साइकिल-बाइक से आने वालों की मुसीबत बढ़ा दी है। दोपहर बाद निकली हल्की धूप से कुछ राहत मिली लेकिन शाम ढलते ही नगर फिर कोहरे की चादर में ढक गया।

बस चालकों को सुरक्षित यात्रा के लिए फॉग लाइट का उपयोग करने, धीमी गति से चलने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की जा रही है। वहीं, बस चालकों को निर्धारित गति सीमा में चलने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन

- बीके गंगवार, एआरएम, सिद्धार्थनगर डिपो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें