चैत्र माह की तपती दोपहर में तेज पछुआ हवा के कारण लगी आग से खेतों में पड़ी गेहूं की सैकड़ों बीघा फसल जलकर राख हो गई। कहीं चिंगारी ने कहर ढाया तो कहीं फसल कटने के बाद डंठल जलाने से आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
मंगलवार को जिले के पांच थाना क्षेत्रों में आग ने कहर ढाया। आग ने गोल्हौरा के ग्राम जमलाजोत में दिखाया। यहां रामनाथ, अरविंद सिंह, गिरजेश सिंह, जनार्दन, मोलहू, रामसुखारी, भुलेश्वर, राकेश चौधरी, मुन्ना सिंह, रंगीलाल, गोल्हू, रामानन्द, रोशन, सुमेर, रवीन्द्र, सुखदेव, रामकरन के खेतों में खड़ी करीब तीन सौ बीघा फसल को अपनी चपेट में ले लिया। बगल के गांव पचहरी में दिन में करीब 11 बजे कंबाइन से गेहूं की फसल काटी जा रही थी।
कंबाइन से निकली चिंगारी ने आग का रूप धारण कर लिया। जब तक लोग कुछ समझते देखते-देखते आग दूसरे गांव जमलाजोत के सीवान में फैल गई। जब तक लोग आग पर काबू पाने की कोशिश करते तब तक आग ने ग्राम सेखुईया के सीवान को भी अपनी चपेट में ले लिया।
पांच घंटों तक आग का तांडव चलता रहा। फायर बिग्रेड व ग्रामीण आग पर काबू पाने की कोशिश करते रहे। दोपहर बाद जब पछुआ हवा का रूख कम हुआ, तब जाकर आग पर काबू पाया जा सका।
ढेबरूआ थाना के खजुरिया शर्की में भी चिंगारी से खेत में आग लग गई। ग्रामीण व फायर बिग्रेड ने मिलकर आग पर काबू पाया। यहां दर्जन भर किसानों का पचासों बीघा गेहूं जल गया। थाना त्रिलोकपुर के ग्राम जुआआरी में डंठल फूंकने से लगी आग ने फसल को अपनी चपेट में ले लिया।
थाना मोहाना के ग्राम तिलकहना में खेत में लगे डंठल को फूंकने से आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। करीब डेढ़ किलोमीटर की परिधि में आग की लपटें उठती रही। गनीमत यह रहा कि आग ने किसी गांव की तरफ का रूख नहीं किया।
यहां पूरे सीवान की फसल एक दिन पूर्व कट गई थी। बांसी कोतवाली के डिडई के पास सोमवार की देर रात करीब 11 बजे कूड़े के ढेर से चिंगारी ने आग का रूप धारण कर लिया। एक फूंस के मकान व बगल में रखी लकड़ी को चपेट में लिया।
फायर बिग्रेड व ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया गया। इस संबंध में एएसपी मंशाराम गौतम ने बताया कि खेत में लगे डंठल फूंकने वालों को चिन्हित करने का काम किया जा रहा है। फायर बिग्रेड को सतर्क रहने व स्थिति पर निगाह रखने के लिए निर्देशित किया गया है।