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Siddharthnagar News: खौफ जर्मन शेफर्ड का और इर्द-गिर्द मंडरा रहा खतरा बिना वैक्सीनेशन वाले देसी का

Thu, 13 Jul 2023 12:24 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। घरों में पाले गए जर्मन शेफर्ड, रॉटविलर और पुटबिल से ज्यादा खतरनाक गली के कुत्ते हैं। गली के कुत्तों का वैक्सीनेशन नहीं होता और ये आपके दरवाजे के इर्द-गिर्द ही मंडराते हैं। अगर काट लिए तो जान पर बन आएगी। इन्हें न तो मारिए-पीटिए और न भगाइए। बस जरूरत है, इन्हें एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने की। यह काम कॉलोनी के लोग भी कर सकते हैं। लोगों का कहना है कि देसी कुत्तों को पकड़कर कहीं दूर छोड़ने के लिए नगर पालिका परिषद ने कोई व्यवस्था नहीं की है। यदि नगर पालिका की ओर से कुत्तों को वैक्सीनेशन करा दिया जाए तो सुरक्षा बढ़ जाएगी।
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गली के कुत्तों के आतंक से आम से लेकर खास सभी वर्ग के लोग परेशान हैं, लेकिन इनसे बचने का इंतजाम किसी के पास नहीं है। जबकि यह मुसीबत हर दरवाजे पर खड़ी है। इसका शिकार कब कौन हो जाए, किसी को भी नहीं पता। मेडिकल काॅलेज एवं सीएचसी, पीएचसी में हर दिन लगने वाले 70 से अधिक एंटी रेबीज इंजेक्शन भी इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि गली के कुत्ते किस कदर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। इसमें भी 40 फीसदी बच्चे हैं। इसे लेकर कुछ शिकायतें नगर निगम तक पहुंचीं भी, लेकिन मामला गली के कुत्तों का था, तो शिकायतों को भी नजरअंदाज कर दिया गया। हर गली, कॉलोनी में कुत्तों का झुंडरात-दिन घूम रहा है। हालात ऐसे हैं कि रात में अगर कोई कॉलोनी में पैदल या मोटरसाइकिल लेकर चला जाए तो ये कुत्ते दौड़ा लेते हैं।


शोर मचाते हैं... भगाइए तो काटने को दौड़ाते हैं
कॉलोनी में गली के कुत्तों का आतंक इस कदर है कि इनके शोर से बातचीत करना मुश्किल हो जाता है। रात में इस तरह यह भौंकते हैं कि सुनाई तक नहीं देता। अगर इन्हें भगाने जाएं तो काटने को दौड़ा लेते हैं। स्थिति ऐसी हो गई है कि शाम के वक्त बच्चों को कॉलोनी में खेलने के लिए खुद ही निगरानी रखनी पड़ती है। नगर पालिका परिषद इन्हें पकड़ने के बजाय, इनका वैक्सीनेशन कराए।
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- मनीष वर्मा, व्यापारी



गली के कुत्तों का वैक्सीनेशन जरूरी



कॉलोनियों में कुत्तों का खतरा बढ़ गया है। ये काटने के साथ गंदगी भी कर रहे हैं। इसे लेकर नगर पालिका परिषद से शिकायतें भी की गई हैं, लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हुई। नगर पालिका को कुत्तों की जनसंख्या पर अंकुश लगाने की जरूरत है। इनका भी वैक्सीनेशन कराएं। कॉलोनी के लोगों से भी बात करेंगे कि सब मिलकर इन्हें एआरवी का इंजेक्शन लगवा दें।
धीरज, हुसैनगंज

कुत्तों का होगा वैक्सीनेशन
शहरी क्षेत्र में कुत्ताें और लोगों पर हमला करने वाले बंदरों को पकड़ने के लिए टीम की व्यवस्था की जा रही है। देसी कुत्तों को पकड़कर वैक्सीन लगाई जाएगी। जिन कुत्तों को एआरवी लगेगी, उनके कान में टैग लगा दिया जाएगा ताकि कुत्ता काटे तो लोगों को यह भी पता चल जाए कि कुत्ते को वैक्सीन लगाई गई है या नहीं। नगर पालिका परिषद इस दिशा में कार्य कर रहा है ताकि लोगों की जान की खतरा न हो। पकड़े गए कुत्तों को वैक्सीन लगाने के लिए एक स्थान निर्धारित किया जाएगा, बाड़ा भी होगा। उस स्थान पर वैक्सीन लगाने के बाद कुत्तों को छोड़ दिया जाएगा।
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गोविंद माधव, चेयरमैन, नगर पालिका परिषद
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