प्रोजेक्ट अलंकार के तहत जिले के 22 विद्यालयों में शुरू हुआ काम
माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में लैब, शौचालय और अन्य हो रहे काम
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बदहाल माध्यमिक शिक्षा परिषद के 22 विद्यालय अगले वर्ष स्मार्ट विद्यालय के रूप में दिखेंगे। इन विद्यालयों को स्मार्ट बनने के लिए काम शुरू हो गया है। अलंकार प्रोजेक्ट के तहत कहीं स्मार्ट लैब तो कहीं शौचालय लाइब्रेरी और अतिरिक्त भवन बनाया जा रहा है। जिससे शिक्षण कार्य सुचारू रूप से हो सके।
सरकार विद्यालयों में शिक्षा का बेहतर माहौल बनाने के लिए इसे और स्मार्ट बना रही है। वहां सुविधा कॉन्वेंट की तर्ज पर बनाने का कार्य कर रही है। जिससे सरकारी विद्यालयों की तरफ बच्चों और अभिभावकों का रुझान बढ़े। इसमें जहां निशुल्क किताब और भोजन आठवीं तक के बच्चों को दिया जा रहा है। वहीं, बेहतर शिक्षा भी देने का प्रयास किया जा रहा है। बदहाल विद्यालयों की सूरत बदलने के लिए बेसिक शिक्षा परिषद की तर्ज पर माध्यमिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कायाकल्प योजना की शुरुआत की गई है।
जिसका उद्देश्य विद्यालयों को आकर्षक बनाया जाए। कायाकल्प के तहत उनका रंग रोगन, स्मार्ट लैब, लाइब्रेरी अतिरिक्त कक्ष, शौचालय आदि की मुकम्मल व्यवस्था की जाए। योजना के तहत जिले के 22 विद्यालय लोकसभा चुनाव के पहले चयनित हुए थे और उनका धन आवंटित हो गया था। काम भी शुरू हो गया है। विद्यालयों में लगभग 30 प्रतिशत काम हो चुका है। अनुमान है कि अगले सत्र में विद्यालय स्मार्ट दिखें और सुविधाएं मुकम्मल नजर आए। कायाकल्प की मॉनिटरिंग जिला विद्यालय निरीक्षक के स्तर से की जा रही है जिससे काम गुणवत्तापूर्ण हो सके। इन विद्यालयों का कायाकल्प होने के बाद अगले चरण में फिर नए विद्यालय चयनित होंगे। जिनके कायाकल्प करने का कार्य शुरू होगा।
विद्यालयों में शिक्षा का बेहतर माहौल बनाने के लिए भवन की मरम्मत, आकर्षक लैब, लाइब्रेरी सहित अन्य काम हो रहे हैं। जिससे पढ़ाई का अनुकूल माहौल हो इस पर तेजी से कम हो रहा है। निगरानी भी चल रही है अगले सत्र में यह विद्यालय बदले बदले नजर आएंगे।
-सोमारू प्रधान, जिला विद्यालय निरीक्षक