फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राशन कार्ड की सूची में पूरा गांव ‘पिछड़ा’

Wed, 06 Jan 2016 11:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सिद्धार्थनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
ाजपूत, ब्राह्मण, भूमिहार सहित कई जातियों को शासन भले ही सामान्य श्रेणी में मानता हो, मगर खाद्य आपूर्ति विभाग की लिस्ट में सभी पिछड़ा वर्ग के हैं। विभाग की वेबसाइट खुद यह बोल रही है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की साइट पर राशन कार्डों की डिजिटाइज सूची में यह कारनामा उजागर हुआ है। कई गांवों की सूची में इन जातियों के कार्डधारकों के नाम की जाति अन्य पिछड़ा वर्ग दर्शाई गई है। विभाग ने किन आधार पर इन जातियों को अन्य पिछड़ा वर्ग में शामिल कर लिया, कोई जवाब देने वाला नहीं है।
विज्ञापन

खाद्य सुरक्षा अध्यादेश को प्रभावी बनाने के लिए खाद्य आपूर्ति विभाग सभी राशन कार्डों को डिजिटाइज करा रहा है। हाल ही में इसकी सूची विभाग की साइट पर अपलोड की गई है। इसमें प्रत्येक गांव के कार्डधारक का पूर्ण विवरण नाम, पते के साथ अंकित है। नई सूची जारी होने के बाद लोगों ने नाम देखे तो उनके होश उड़ गए हैं।
लिस्ट में कार्डधारकों के नाम के आगे दर्शाई गई उनकी जाति में तमाम त्रुटियां हैं। कई ब्लाकों में पूरे गांव को पिछड़ा वर्ग की श्रेणी में डाल दिया गया है। नजीर के तौर पर खेसरहा ब्लाक को ही लें तो इसमें ब्राह्मण, भूमिहार, पठान जैसी जातियों के लोग भी पिछड़े वर्ग में दर्शाए गए हैं।
विज्ञापन


खेसरहां ब्लाक के कुडजा गांव के कोटेदार महेलु से जुड़े एपीएल उपभोक्ताओं की सूची में क्रमांक आठ पर अखिलेश पांडेय का नाम अंकित है। इनकी जाति पिछड़ा वर्ग दशाई गई है। इसी तरह क्रमांक 164 पर अंकित जय प्रकाश पांडेय की जाति भी अन्य पिछड़ा वर्ग है। मामला सिर्फ इसी गांव का नहीं है।

पड़ोसा के कोटिया पांडेय गांव के एपीएल कार्डधारकों की सूची में क्रमांक 179 पर राधेश्याम राय को भी पिछड़ा वर्ग में रखा गया है। क्रमांक 127 पर राजेन्द्र राय, 141 पर बंदमती पाठक, 130 पर अनिल राय के नाम हैं, जिन्हें पिछड़ा वर्ग में दर्शाया गया है। एक अन्य गांव की सूची में संतोष मिश्र की जाति भी अन्य पिछड़ा वर्ग है। डिजिटाइज सूची के अनुसार इन गांवों में 90 फीसदी कार्डधारक पिछड़ा या एससी वर्ग के हैं। सामान्य जाति के उपभोक्ता गांव में नगण्य हैं, जबकि गांव में 25 से 30 फीसदी आबादी में सामान्य वर्ग के लोग हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें