जोगिया ब्लॉक क्षेत्र के पत्ते पुर में आयोजित गोष्ठी में पशुपालकों को जानकारी देते डॉ. बलराम चौर
पकड़ी बाजार/जोगिया। सूखे खेत की चरी खिलाना पशुओं के लिए हानिकारक होता है। यह जानकारी पशु चिकित्साधिकारी जोगिया डॉ. बलराम चौरसिया ने फत्तेपुर गांव में आयोजित पशुपालक गोष्ठी में दी। उन्होंने ने कहा कि तेज गर्मी से पानी के कमी के कारण चरी घास झुलस जाती है। चरी में मौजूद पोषक तत्व जहरीला हो जाता है। ऐसी घास को खाते ही पशु को बेचैनी, कंपकपी, मुंह से सफेद झाग आता है। समय पर ध्यान न दें तो पशु की मौत हो सकती है। चरी खाने के बाद ऐसा लक्षण मिले तो पशु चिकित्सक की सलाह से सोडियम थायोसल्फेट की 60 ग्राम मात्रा एक लीटर ठंडे पानी घोल बना कर पिलाने से पशु को आराम मिल जाता है। बचाव के लिए खेत को पानी देते रहें, सूखने न दें। इस दौरान पशुपालक रामराज, किवलावती, कमलालती, गीता, जोखन, रीता देवी आदि मौजूद रहीं। संवाद