फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नशे में हुआ था विवाद, रोज साथ बैठने वाला ही निकला मनोज का कातिल

विज्ञापन
विज्ञापन
नशे में हुआ था विवाद, साथी ही निकला हत्यारोपी
विज्ञापन

हार्डवेयर कारोबारी मनोज हत्याकांड का पुलिस ने किया पर्दाफाश
नौगढ़ रेलवे स्टेशन से एसओजी और सदर पुलिस ने पकड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। हार्डवेयर कारोबारी मनोज हत्याकांड का पुलिस ने शनिवार को पर्दाफाश कर दिया। सिद्धार्थनगर रेलवे स्टेशन से एसओजी और सदर पुलिस की संयुक्त टीम ने हत्यारोपी को दबोच लिया। हत्यारोपी मनोज का साथी निकला। पुलिस का दावा है कि नशे में धुत होने के बाद कहासुनी हुई। उसके बाद उसकी मनोज पर प्रहार करके हत्या कर दी।
प्रभारी निरीक्षक सदर छत्रपाल सिंह ने बताया कि कांशीराम आवास में रहने वाले हार्डवेयर कारोबारी मनोज की हत्या हुई थी। जो बिहार का रहने वाला था और पिछले दो दशक से जिले में रहता था। हत्याकांड का पर्दाफाश करने के लिए थाने की अलावा एसओजी टीम भी लगी थी। कई संदिग्धों से पहले ही पूछताछ की जा चुकी थी। इसी बीच एसओजी मुखबिर से सूचना मिली की हत्यारोपी व्यक्ति हमेशा मनोज के पास उठने बैठने वाला ही है। वह नौगढ़ रेलवे स्टेशन पर मौजूद है। सूचना को संज्ञान में लेते हुए एसओजी प्रभारी जीवन त्रिपाठी, जेल चौकी प्रभारी हरेंद्र राय, एसआई अजय सिंह के साथ संयुक्त टीम तैयार की गई। इसके बाद नौगढ़ रेलवे स्टेशन पर एक संदिग्ध दिखा। पुलिस को देखकर संदिग्ध भागने लगा। पुलिस ने घेराबंदी करके दबोच लिया। उसकी पहचान गौतम निवासी मरचहवा थाना सदर के रूप में हुई। पूछताछ में उसने स्वीकार किया की हत्या उसी ने की थी। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन

साथ में खाना खाया फिर कर दी हत्या
पुलिस के मुताबिक पूछताछ कबूल किया है कि हत्या होने वाली रात में दोनों एक साथ खाना गए थे। इसके बाद किसी बात को लेकर कहासुनी हुई। शराब के नशे में था। उसकी बात बहुत बुरी ली। इसलिए गुस्से में आकर हमला कर दिया, जिससे मनोज की मौत हो गई। कोई जानने न पाए इसके लिए हमला करने वाले वस्तु को लेकर भागा और उसे दूसरी जगह छिपा दिया था।
विज्ञापन

दोनों में लेनदेन भी होता था
मनोज की हत्या करने वाले गौतम की उससे पटती थी। सूत्रों की माने तो रुपये का लेनदेन भी होता था। अकसर गौतम उससे रुपये लेता था और सामान भी ले जाता था। यह भी हो सकता है कि उधारी के रुपये के लिए बहस हुई हो। रुपये देना न पड़े इसलिए उसे मार डाला। हालांकि पुलिस ने रुपये के लेनदेन में मौत की बात नहीं बताई है। मगर आसपास के लोग यही आशंका व्यक्त कर रहे हैं कि रुपये के लेनदेन में ही गौतम ने हत्या की होगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें