तुलसियापुर। ढ़ेबरुआ थाना क्षेत्र के चरिगहवा नाले में शुक्रवार की रात देवी पाटन मंदिर से मुंडन करवाकर श्रद्धालुओं से भरी बस के पलटने के बाद तीनों मृतकों का शनिवार की देर शाम अंतिम संस्कार किया गया। वहीं, हादसे में घायल कमलावती को इलाज के बाद घर भेज दिया गया। डॉक्टरों ने कम बात करने की सलाह दी है। शोहरतगढ़ थानाक्षेत्र के पैकी निवासी अजय शर्मा (13) व मोहनकोला निवासी गामा (65) का बानगंगा नदी और ढ़ेबरुआ थानाक्षेत्र के खुरहुरिया निवासी मंगनी (55) का संसरी में चरिगहवा नदी के तट पर अंतिम संस्कार किया गया। पीएम करवाकर लाश शनिवार को देर सायं गांव में लाया गया। नदी के तट पर गामा को लाश का उनके बड़े पुत्र राजेंद्र पासवान ने अंतिम संस्कार किया।
वहीं, कुछ ही दूरी पर अजय शर्मा की लाश को मिट्टी में दफन किया गया। बानगंगा नदी के तट पर दो-दो लाशों का अंतिम संस्कार होते देख परिजनों व रिश्तेदारों के मौजूद क्षेत्रीय लोगों में शायद ही कोई ऐसा रहा हो, जिसकी आंखें नम हुई हो।
यही हाल संसरी-करुआ के बीच चरिगहवा नाले के तट पर मृतक मंगनी के अंतिम संस्कार का भी रहा। वहां मृतक के बड़े पुत्र सत्यराम गौतम ने पिता की चिंता को दाह-संस्कार किया। इस दौरान भी मौजूद लोगों की आंखें नम थीं। मृतक गामा की पत्नी कमलावती को मेडिकल काॅलेज के चिकित्सकों ने उसकी हालत में सुधार होने के बाद उसे घर भेज दिया है।र