उत्तर प्रदेश रोजगार सेवक संघ की जिला इकाई ने तीन दिनों से कर रहे धरना प्रदर्शन को बुधवार को वापस लेने की घोषणा किया। संघ का प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त श्रम से सौहार्द पूर्ण वातावरण में वार्ता करने के बाद निर्णय लिया।
जिलाध्यक्ष कुलदीप चौधरी ने बताया कि मांगों को लेकर तीन दिनों से प्रत्येक ब्लाक कार्यालय पर रोजगार धरनारत रहे। इसको लेकर प्रशासन ने वार्ता करने का प्रस्ताव किया। इसी क्रम में उपायुक्त श्रम उमेश तिवारी से बात की गई।
उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि ग्राम रोजगार सेवकों के मानदेय में 10 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी करने के साथ किया जाएगा। रिक्त ग्राम पंचायतों में करीब के रोजगार सेवकों से मनरेगा का कार्य लिया जाएगा।
जहां ग्राम पंचायतों का गठन नहीं किया जा सका है वहां प्रशासक के साथ मिलकर मनरेगा का काम किया जाएगा। जाबकार्ड को आधार से जोडने का भी काम रोजगार सेवक करेंगे।
अन्य कार्यदायी संस्थाओं की ओर से कराए गए कार्यों का भी मस्टररोल भरने का भी काम किया जाएगा। इसी क्रम में जानकारी दिया गया कि 29 जनवरी को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम प्रस्तावित है। प्रतिनिधिमंडल में मुरारी सिंह, मनोज पांडेय, सुनील ठकुराई, रामप्रीत गुप्ता, सतीशचंद्र, रमेश विश्वकर्मा, रामसुभग, विजय यादव आदि मौजूद रहे।