भारत-नेपाल सीमा पर स्थापित सीमास्तंभों के सर्वे का कार्य शुरू हो गया है।
ऱविवार को दूसरे दिन भी काठमांडू के मिनभवन और भारत की सर्वे टीम ने
अलीगढ़वा बार्डर क्षेत्र में सर्वे किया।
सीमा स्तंभों की नाप-जोख कर
दस्तावेजों से मिलान किया। सर्वे के बाद क्षतिग्रस्त और गायब हो चुके सीमा
स्तंभों को दुरुस्त किया जाएगा।सर्वे ऑफ नेपाल के टीम लीडर निर्मल कुमार
आचार्य और सर्वे ऑफ इंडिया की टीम ने बार्डर पर लगे पिलरों की स्थिति का
सत्यापन किया।
दोनों देशों के अधिकारियों ने गहन जांच पड़ताल कर अपने
अभिलेखों में भी दर्ज किया। मौके पर टीम के सदस्यों ने साथ लाए नक्शे के
माध्य्म से भी जानकारी ली। जीपीएस के जरिए पिलरों के सत्यापन में लगे रहे।
टीम के सदस्य किसी भी तरीके की बयानबाजी से बचते रहे।
बताया कि सर्वे कार्य
में कई टीमें लगी हुई हैं। पहली टीम महराजगंज के खैराघाट व नेपाल के
रूपनदेही मार्चवार में काम कर रही है। जानकारी देने के लिए अधिकृत
उच्चाधिकारी उसी टीम के साथ हैं। सर्वे के बाद दोनों देशों के अधिकारियों
की बैठक होनी है। टीम के साथ एसएसबी के एसआई पायनियर अजीत यादव, नेपाल
सशस्त्र बल के इंस्पेक्टर नंदरा आदि मौजूद रहे।