सिद्धार्थनगर/ बर्डपुर। मोहाना थाना क्षेत्र के शिवपतिनगर मोहाना चौक निवासी सगीर (14) के पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को परिजनों ने मोहाना तिराहा पर शव को रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। वे घटना में और लोगों के शामिल होने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
शाम 5:45 से 6:43 बजे तक लगभग एक घंटे तक प्रदर्शन चला। इससे ककरहवा बाॅर्डर जाने वाला मार्ग और लोटन जाने वाला मार्ग बाधित रहा। इससे वाहनों की लंबी कतार लग गई। लोगों को परेशान होना पड़ा। जब जाम समाप्त हुआ तो आवागमन बहाल हुआ।
पुलिस ने बताया कि जांच में जो कुछ सामने आएगा, उसके हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में पुलिस ने चार पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसमें एक युवक और तीन नाबालिग हैं। पुलिस एक को जेल, जबकि तीन को बाल सुधार गृह भेज दिया है। विवाद में हत्या की बात सामने आई है।
जानकारी के अनुसार, मोहाना थाना क्षेत्र के मोहाना चौकी निवासी कलीमुल्लाह के 14 वर्षीय पुत्र सगीर शनिवार शाम को ऑर्केस्ट्रा देखने गौहनिया गया था, लेकिन रात तक घर वापस नहीं लौटा। सुबह तक जब उसका कोई पता नहीं चला तो परिजन उसकी तलाश में जुट गए। इसी दौरान किसी ने सूचना दी कि मोहाना थाना से कुछ दूरी पर गड्ढे के पास एक किशोर का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और लाश की पहचान सगीर के रूप में की। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए।
मृतक के पिता कलीमुल्लाह ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि उनका पुत्र जिगनिहवा गांव निवासी तीन लड़कों के साथ ऑर्केस्ट्रा देखने गया था। सुबह जब उन्होंने इन युवकों से पूछताछ की तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद वह उसे ढूंढ़ने लगे। घर के पीछे ही बेटे का शव मिलने से संदेह और गहरा गया। परिजनों का कहना है कि सगीर के सिर और पीठ पर गंभीर चोट के निशान थे, जिससे हत्या की आशंका जताई थी। इस मामले में पुलिस ने तीन नाबालिग और वजीर अहमद निवासी मधुबनी टोला जिगनिहवा थाना मोहाना पर हत्या के आरोप में प्राथमिकी दर्ज करके चारों को क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया।
इस संबंध में एसओ मोहाना जीतेंद्र सिंह ने बताया कि मिले तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करके आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। लाश को पोस्टमार्टम करवाकर सौंपा गया। शव रखकर परिजन कार्रवाई की मांग कर रहे थे। समझाने बुझाने के बाद मान गए।