ग्राम स्वास्थ्य पोषण दिवस के अंतर्गंत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सभागार में एएनएम के तीन दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन स्वास्थ्य व पोषण के प्रति जागरूकता लाने पर जोर दिया गया।
प्रशिक्षकों ने नवजात से 5 साल, गर्भवती महिला, धात्री महिला, किशोरी के स्वास्थ्य और पोषण के बारे में विस्तार पूर्वक बताया।
कार्यशाला में इटवा और बढ़नी ब्लाक की एएनएम मौजूद रहीं। सीएचसी अधीक्षक वीके वैद्य ने कहा कि नवजात से 5 साल तक के बच्चों को नियमित टीका लगवाने के लिए ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को प्रेरित करने का काम एएनएम के जिम्मे है।
अगर सभी लोग मेहनत करके 30 हजार की आबादी को खुशहाल करती रहेगी तो आने वाले दिनो में कोई भी बच्चा पोषण से लेकर स्वास्थ्य संबंधी लापरवाही से बीमार नहीं होगा।
मृत्यु दर में भी कमी आयेगी। स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी प्रदीप वर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य की दृष्टि से यह क्षेत्र काफी पिछड़ा हुआ है। इस पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।
जच्चा-बच्चा से लेकर गर्भवती महिलाओं पर विशेष नजर रखनी होगी। एएनएम से लेकर आशा बहु, आंगनबाड़ी कार्यकत्री सहित समाज के जागरूक लोगों को मिलकर काम करना होगा।
प्रशिक्षक प्रदीप जाटव ने कहा कि किशोर किशोरी और युवा दंपति को भी खुलकर स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देनी चाहिए, ताकि वह किसी के सामने अपनी बात रखने के लिए संकोच न करें।
इससे जनसंख्या नियंत्रण में काफी सहूलियत मिलेगी। अनेकों बीमारियों से बचाव भी होगा। कार्यशाला में माया देवी, कमलावती, गीता निगम, प्रेमलता, बसंती, सत्यवती, ज्ञानी मिश्रा, नंदावती मौर्या मौजूद रहीं।