भवानीगंज । डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के धनुवाडीह उर्फ हजिरवा गांव स्थित कुंवारी माता स्थान पर चल रहे श्रीमद्भागवत कथा के दौरान बृहस्पतिवार की रात भगवान श्रीकृष्ण और माता रुक्मिणी के विवाह के प्रसंग का वर्णन किया। अयोध्या से आए कथावाचक आचार्य श्याम सारथी ने इस अंदाज में कथा सुनाई, जिससे श्रोता भाव विभोर हो गए।
कथावाचक ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण गोपियों के साथ महा रास रचाते हैं। गोपी स्वयं देवता हैं, ऋषि हैं, दिव्या हैं, भक्त हैं। उन्होंने कहा कि भगवान ने गोपियों का परीक्षा ली, फिर भगवान ने स्वीकार किया। भगवान प्रेम वालों को ही मिलते हैं। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी का विवाह की कथा सुनाई। कंस वध का प्रसंग सुनाकर कथावाचक ने लोगों से अहंकार से बचने की अपील की। कथा के दौरान कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की गई झांकी ने सभी का मन मोह लिया।
इस दौरान प्रधान संघ अध्यक्ष दिलीप पांडेय, बाबा सूर्य नारायण दास, आचार्य मनीष शास्त्री, राकेश शास्त्री, नरोत्तम त्रिपाठी, बृजेश आदि मौजूद रहे।