बिस्कोहर। नगर पंचायत बिस्कोहर के डेगहर में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के आठवें दिन मंगलवार को कथा व्यास स्वामी मधुसूदनाचार्य ने सुदामा चरित्र की मार्मिक कथा सुनाई। कथाव्यास ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता निस्वार्थ प्रेम, त्याग, समर्पण और सच्चे संबंधों का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहा कि सुदामा ने विपन्नता में भी अपने संस्कार और आत्मसम्मान को नहीं छोड़ा जबकि श्रीकृष्ण ने मित्रता का आदर्श प्रस्तुत करते हुए अपने बालसखा का सम्मान किया। कथा के सामाजिक पक्ष पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि आज के समय में मित्रता, सहयोग, संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों को अपनाने की आवश्यकता है। बताया कि सुदामा चरित्र समाज को प्रेम, करुणा, समानता और परस्पर सहयोग का संदेश देता है।