संवाद न्यूज एजेंसी
बर्डपुर। विकास खंड बर्डपुर में शिक्षकों और बीईओ के बीच तकरार बढ़ती ही जा रहा है। शिक्षकों ने बीईओ पर अवैध वसूली का आरोप लगाते हुए पूर्व माध्यमिक विद्यालय बर्डपुर पर धरना-प्रदर्शन करते हुए उच्चाधिकारियों को बीईओ को हटाने के लिए प्रार्थनापत्र भी दिया। उसके बाद सांसद जगदंबिका पाल से भी मिले है, जबकि बीईओ ने भी शिक्षकों पर नेतागिरी करने और दबाव में गलत कार्य करने का आरोप लगाया है।
ब्लॉक संसाधन केंद्र में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी अरुण कुमार पर अवैध वसूली कार्यशैली, अभद्र भाषा के प्रयोग का आरोप लगाते हुए शिक्षकों ने धरना प्रदर्शन किया था। धरना केवल प्राथमिक शिक्षक संघ ने बुलाया था, लेकिन जब इसकी जानकारी पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ और राष्ट्रीय शिक्षक संघ को हुई तो वह भी शामिल हो गए। धरने में खुले मंच से आरोप लगाया कि कंपोजिट ग्रांट में 10 प्रतिशत लिया गया और इस बात की पुष्टि सभी प्रधानाध्यापकों ने भी की कि हम सभी से 10 प्रतिशत लिया गया है।
कई शिक्षकों ने कहा कि बदतमीजी से बात की जाती है। चेकिंग के नाम पर अलग से वसूली होती है। अगर किसी विद्यालय में पहुंच गए तो कम से एक हजार चाहिए। यही नहीं अगर शिक्षक अनुपस्थित है तो 15 सौ, शिक्षामित्र अनुदेशक अनुपस्थित हुआ तो पांच सौ रुपये लेते हैं, जिसका कबूलनामा कई शिक्षको ने मीटिंग में किया। फिलहाल शिक्षकों और बीईओ की तकरार बढ़ती जा रही है, यहां तक कि प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी के नेतृत्व में शिक्षकों के तीनों संगठन बीईओ को हटाने के लिए सांसद को ज्ञापन दे चुके हैं।
खंड शिक्षा अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि शिक्षक नेता कोई कार्य नहीं करना चाहते हैं। वह अधिकारी पर दबाव बनाकर अपने हिसाब से कार्य करवाना चाहते हैं। शासन के अनुरूप मिड डे मील, कंपोजिट ग्रांट आदि की जांच करना है, वही कर रहे हैं। किसी शिक्षक नेता के दबाव और उनके कहने पर कोई कार्य नहीं होगा।