सिद्धार्थनगर। टेंपो चालकों के लिए अच्छी खबर है। सरकार ने आपात स्थिति में इलाज में दिक्कत न हो, इसके लिए आयुष्मान योजना से जोड़ने की पहल शुरू की है और इस कार्य को करने की जिम्मेदारी संभागीय परिवहन विभाग को सौंपा गया है। एआरटीओ कार्यालय में एक स्पेशल डेस्क बना दिया गया है, जहां पर चालक आवेदन पत्र देंगे। इसके बाद विभाग की ओर से उनका आयुष्मान कार्ड बनवाए जाएंगे। इसमें लगभग एक लाख वाहन चालक दायरे में आएंगे।
समय के साथ असंख्य बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है। लोग गंभीर बीमारियों की गिरफ्त में आ रहे हैं। निजी अस्पतालों में दवा के लिए बड़ी रकम लग रही है, जो आम नागरिकों के लिए चुनौती से कम नहीं है। रुपये के कारण बिना इलाज हुए किसी व्यक्ति की जान न जाने पाए, इसके लिए सरकार की ओर से आयुष्मान भारत योजना शुरू की गई है।
अब सरकार ने टैक्सी में पंजीकृत वाहनों और टेंपो चालकों के लिए आयुष्मान कार्ड की योजना शुरू की है। कार्ड बनवाए जाने की जिम्मेदारी संभागीय परिवहन विभाग को सौंपा है। विभाग की ओर से विशेष अभियान चलाकर चालकों का आयुष्मान कार्ड बनवाया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल सके। इसके लिए परिवहन विभाग कार्यालय में अतिरिक्त काउंटर बनाया जा रहा है, जहां चालक अपने जरूरी अभिलेख जमा कर आसानी से कार्ड बनवा सकेंगे। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में चालक अभी तक योजना से नहीं जुड़ पाए हैं, जबकि वे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करते रहते हैं।
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कोट
कई चालक जानकारी के अभाव में योजना से वंचित रह जाते हैं। इसलिए आयुष्मान कार्ड के लिए परिवहन विभाग वाहन स्टैंड और प्रमुख बाजार क्षेत्रों में भी जागरूकता अभियान चलाएगा। चालकों को बताया जाएगा कि आयुष्मान कार्ड बनने के बाद सूचीबद्ध अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा मिल सकेगी। सड़क पर दिनभर मेहनत करने वाले चालकों को स्वास्थ्य सुरक्षा देना बेहद जरूरी है। दुर्घटना या गंभीर बीमारी की स्थिति में यह योजना उनके परिवार के लिए सहारा बनेगी। विभाग ने अधिक से अधिक चालकों से आगे आकर अपना आयुष्मान कार्ड बनवाने की अपील की जाएगी। इसके लिए कार्यालय में एक काउंटर बनाने के साथ ही कर्मचारी नियुक्ति किया गया है।
- संजय सिंह, एआरटीओ
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यह दस्तावेज जरूरी
- आधार कार्ड
- राशन कार्ड
- मोबाइल नंबर
- परिवार पहचान पत्र (यदि लागू हो)
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योजना का लाभ
- प्रति परिवार सालाना पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज
- सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज
- कई गंभीर बीमारियां भी कवर होती हैं।