सिद्धार्थनगर। नगर पालिका के तीन वार्ड के लोगोंं के घरों में आने वाला सप्लाई का पानी मटमैला मिल रहा है। इसमें बालू के कड़ होने के साथ ही पानी का रंग भी मैला है। पानी पीने की बात तो दूर भरने के तत्काल बाद नहाने और कपड़ा धुलने में भी दिक्क्त हो रही है। लोग पीने के लिए जार का पानी लेने का विवश हैं। इसके लिए उन्हें जेब ढीला करना पड़ रहा है। यह समस्या लगभग एक माह से बनी हुई है और तीनों वार्ड की लगभग 15 हजार आबादी इससे जूझ रही है। लेकिन जिम्मेदार इससे बेखबर बने हुए हैं। वहीं, चिकित्सक दूषित पानी के सेवन को हानिकारक बता रहे हैं।
नगर में पेेयजल मुहैया कराने के लिए हर घर तक पाइप लाइन के जरिए जलापूर्ति की जाती है। नगर के हर घरों को जोड़कर टोटी लगा दी गई है। सुबह और शाम को तय समय पर पानी की आपूर्ति की जाती है। इसमें सुबह छह से 10 बजे और शाम को चार से आठ बजे तक सप्लाई चलती है। नगर पालिका के काशीराम आवास, वाल्मीकिनगर और शास्त्रीनगर वार्ड में पानी की आपूर्ति काशीराम आवास में बने ओवरहैड टैंक से पानी की आपूर्ति की जाती है। लगभग 15 हजार की आबादी का इसी से पानी मिलता है।
मौजूदा समय में सप्लाई का पानी मटमैला आ रहा है। उसमें बालू के कड़ भी आ रहे हैं। पानी भरने के बाद कुछ समय तक रखने के बाद ही वह उपयोग करने लायक हो रहा है। वह भी अधिकांश परिवार इस पानी को बर्तन धुलने और कपड़ा धुलने व नहाने में उपयोग करते हैं। पीने के लिए जार का ही पानी खरीद रहे हैं। इसके लिए उन्हें परिवार के हिसाब से एक से दो जार लेना पड़ रहा है। इससे उनपर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। वहीं मैला पानी का सेवन करने से पेट से जुड़ी बीमारी होने का भी खतरा बना हुआ है।
वार्ड के लोगों के मुताबिक यह समस्या एक माह से अधिक समय से है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। काशीराम आवास के अल्तान और तबारक ने बताया कि पानी पीने से डर लग रहा है। कहीं-कहीं पानी के पास से पाइप गुजरा है। हो सकता है कि मैला पानी उसी से जा रहा हो। इतने दिन से लोग पानी खराब आ रहा है। लेकिन जिम्मेदार इससे बेखबर हैं।
पानी कई दिनों से मटमैला आ रहा है। उसमें बालू का कड़ भी रहता है। पानी भरने के बाद कुछ समय तक रखा जाता है, तब बालू के कड़ नीचे जाते हैं। इसके बाद उपयोग लायक होता है। फिर भी पीने में डर लगता है।
-गीता देवी, शास्त्रीनगर वार्ड
पानी मैला आ रहा है। पीने की बात दूर पकड़ा धुलने और नहाने में भी परेशानी होती है। कपड़ा धुलकर सुखाने के बाद लगता है, जैसे कुछ जमा हुआ है। पेट में दिक्कत न हो इसलिए जार का पानी लेते हैं। जिसका उन्हें रुपये देना पड़ता है।
-किसलावती, वाल्मीकिनगर वार्ड
दूषित पानी से हो सकती है यह परेशानी
जिस तरीके से दूषित पानी से नहाने से त्वचा रोग, खुजली, दाद जैसी बीमारियां हो जाती है। तो जब यह दूषित पानी मुंह के अंदर जाएगा तो सोचिए कितना नुकसान पहुंचा सकता है। अगर आप गंदे पानी से कुल्ला करते हैं तो इससे पानी में मौजूद छोटे-छोटे जीवाणु हमारे मुंह में रह सकते हैं। जिससे दांत, मुंह, गला संबंधित कई बीमारियां हो सकती है। दूषित पानी से पीलिया, पेचिश, गले की बीमारी, नेत्र रोग, टाइफाइड जैसी बीमारी हो सकती है। दूषित पानी का सेवन मतलब कई प्रकार के बीमारी को बुलावा है।
-डॉ. एसके राव, मेडिसिन विभाग
पानी मैला आ रहा है, इसके बारे में जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो जांच करवाते हैं। जो गड़बड़ी मिलेगी, उसे तत्काल सही कराया जाएगा।
-बिन्ध्याचल, ईओ नगर पालिका परिषद, सिद्धार्थनगर