आजमगढ़ में पकड़ा गया संदिग्ध, सीमा पर अलर्ट
आईएस के स्लीपर सेल को देखते हुए खुफिया एजेंसियां सतर्क
सिद्धार्थनगर। स्वतंत्रता दिवस के ठीक सात दिन पहले आजमगढ़ से पकड़े गए सबाउद्दीन के सीरिया के खतरनाक आतंकी संगठन आईएसआईएस के सदस्य होने के पुख्ता सबूत मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। पूर्व में जिले की नेपाल सीमा से संदिग्धों की आवाजाही से संवेदनशील है। सुरक्षा एजेंसियों के अलावा लोकल टीम ऐसे संदिग्धों पर नजर बनाए हैं। सबाउद्दीन से मिले इनपुट के आधार पर सोशल मीडिया के सभी पेज को भी खंगालने की बात सामने आ रही है।
जनपद से सटी नेपाल सीमा खुली होने से बिना रोक-टोक, बिना वीजा और पासपोर्ट के लोगों का वर्षों से आना जाना रहता है। जबकि बीते 14 सालों से नेपाल सीमा आतंकी गतिविधियों के चलते संवेदनशील हो गई। बीते वर्ष पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया पीटीआई का सदस्य बस्ती से पकड़ा गया। जो जनपद के शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के अतरी कस्बे का निवासी था।
जब भी देश के किसी हिस्से में आतंकी घटना होती है या कोई मूवमेंट होता है नेपाल सीमा पर अलर्ट बढ़ जाता है। मंगलवार को यूपी के आजमगढ़ से सीरिया के सबसे खतरनाक आतंकी संगठन आईएसआईएस से जुड़ा सदस्य सबाउद्दीन राष्ट्रीय जांच एजेंसी एटीएस के हत्थे चढ़ा तो तो एक बार फिर जिले में अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीमा पर काम करने वाली सुरक्षा एजेंसियां के अलावा लोकल एजेंसी यहां से संदिग्ध चेहरों की तलाश में हैं, जो गुमसुम रहते हैं, जिनकी हरकत अलग है। जो अलग तरीके से काम करते हैं। एजेंसियां सारा ताकत उसमें लगा चुकी हैं। विशेष करके नेपाल सीमा से सटे इलाकों में हर गतिविधि पर हर संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है।
सोशल मीडिया पर मानीटरिंग शुरू
आजमगढ़ में पकड़ा गया आईएसआईएस का संदिग्ध मोबाइल एप के माध्यम से युवाओं को बरगलाने, प्रशिक्षण देने, बम बनाने सहित अन्य की ट्रेनिंग दे रहा था। बिना सामने आए संगठन से जोड़ने की कवायद सोशल मीडिया से चला रहा था। लिहाजा सुरक्षा एजेंसियां की ओर से सोशल मीडिया के हर पेज को भी खंगाली जा रही है, ऐसे संदिग्ध पोस्ट और कमेंट मिलते हैं तो उसकी भी जांच-पड़ताल एजेंसियां में जुटी हुई हैं। सीमा क्षेत्र पर एजेंसियों की सात से आठ टीमें अपने स्तर से जांच कर रही हैं।