-यूपी पुलिस ने 2019 में भर्ती होने के बाद खेल में बढ़ाया कदम
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कभी गोरखपुर के खजनी से कटघर की सड़क पर अकेली दौड़ लगाने वाली सुषमा रावत इन दिनों उभरती हुईं खिलाड़ियों में शुमार हैं। साल 2019 में यूपी पुलिस का हिस्सा बनने के बाद उन्होंने खेल की दुनिया में कदम बढ़ाया और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। वुशु में राज्य स्तरीय पुलिस प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने के बाद सुषमा ने पुलिस की जोन स्तरीय एथलेक्टिस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और तीन स्वर्ण सहित चार पदक जीतकर अपना जलवा कायम रखा।
खजनी क्षेत्र के पिपरा बनवारी गांव के रामबदन पासवान की बेटी सुषमा रावत इन दिनों खेल में उपलब्धियां हासिल करके अपनी नई पहचान बना चुकी हैं। पुलिस ग्राउंड में आयोजित जोन स्तरीय प्रतियोगिता में 23 साल की खिलाड़ी सुषमा ने 5000 और 10,000 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता है। 5000 मीटर पैदल चाल में भी उन्होंने स्वर्ण पदक जीता है। अंतिम दिन हुई 20 किमी साइकिलिंग रेस में सुषमा ने रजत पदक पक्का कर लिया।
सुषमा बताती हैं कि पुलिस में नौकरी हासिल करने के बाद फिटनेस के लिए उन्होंने जिम जाना शुरू किया। उसी फिटनेस का नतीजा है कि खेल की डगर पर आगे बढ़ रही हूं। फिर यू ट्यूब पर वुशु देखा तो इसमें हाथ आजमाने की योजना बनाई। इसी वर्ष वाराणसी में हुई राज्य स्तरीय वुशु प्रतियोगिता में सुषमा पूरे प्रदेश में अव्वल हो गईं। अब हरियाणा में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतने की जिद में कई घंटे पसीना बहा रही हैं। सुषमा का कहना है कि अब तक बिना कोच के खेलती रही हैं। वुशु में नेशनल मेडल मिलेगा तो कोच की सुविधा भी मिल जाएगी। सुषमा ने कहा कि खेल में पदक जीतकर नाम रोशन करेंगी और पदकों से तरक्की होगी।