संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। एसपी के मुताबिक पूछताछ में सतीश गौड़ ने बताया कि अगले माह उसकी बहन की शादी है, जिसमें पैसों की जरूरत थी, तथा राजू उर्फ कृष्णा के पिता की मृत्यु कुछ दिनों पहले हो गई थी, जिससे राजू को भी पैसों की जरूरत थी। इसलिए सराफा व्यवसायी प्रभंजन से लूट की साजिश रची थी।
सतीश ने पुलिस को बताया कि रेकी के लिए राजू को लगाया गया था। 11 अप्रैल को सतीश तीन अन्य दोस्तों रोहन, किशन उर्फ कृष्णा, कन्हैया को लूट की वारदात के लिए बुला लिया था और उनको भी मोटा हिस्सा देने को कहकर तैयार किया। वारदात वाले दिन चारों प्रभंजन के घर जाने वाले रास्ते पर दो बाइक से उसका इंतजार कर रहे थे।
जैसे ही राजू ने रेकी करके बताया गया कि प्रभंजन घर के लिए जा रहा है। चेहरे पर गमछा बांधकर चारों उसका पीछा करके रास्ते में रोककर गहने छीनने लगे। तभी प्रभंजन और उसका भाई हाथापाई करने लगे। पकड़े जाने के डर से रोहन ने एक गोली पहले हवा में चलाई लेकिन उसके बाद भी वे लोग लड़ते रहे, फिर रोहन ने प्रभंजन को गोली मार दी।
उसके बाद उनकी बाइक की डिग्गी से सोने-चांदी से भरा बैग लेकर भाग गए। सतीश प्रभंजन को पहले से जानता था कि वह सोने-चांदी के जेवरात लेकर आता-जाता है। डर था कि कहीं पुलिस पकड़ न ले इसलिए लूट का माल बेचने व अवैध हथियार छिपाने के लिए जा रहे थे कि इसी बीच पुलिस ने पकड़ लिया।
एक और केस दर्ज : घायलों को तत्काल चिकित्सीय उपचार के लिए पीएचसी बांसी ले जाया गया। मुठभेड़ में पकड़े गए बदमाशों पर पुलिस टीम पर जानलेवा हमले का केस दर्ज किया गया। पूछताछ के बाद उन्हें कोर्ट भेज दिया गया। पकड़ने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम दिया गया।
यह हुआ बरामद : एक पिस्टल 32 बोर, दो तमंचा, चांदी की तीन पायल, चांदी का 44 बिछुवा, सात ताबीज और चांदी की एक अंगूठी सफेद के साथ दो बाइक, जेवरात रखने के छोटे पर्स जिस पर प्रभंजन ज्वेलर्स छपा हुआ था, एक डायरी व एक रसीद बुकलेट प्रभंजन की, पांच अदद मोबाइल बरामद किए गए।