भनवापुर। ब्लाॅक क्षेत्र के कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के कृषि वैज्ञानिक डॉ. सर्वजीत ने रविवार को किसानों को कीटों से धान की फसल की सुरक्षा के उपाय बताए। बताया कि धान के फसल में 45 दिन बाद 16 किलोग्राम नाइट्रोजन (35 किलो यूरिया) प्रति एकड़ का प्रयोग करें। यह फसल के विकास के लिए आवश्यक होता है। जिन किसानों के खेतों में तना छेदक कीट की समस्या होने पर 7.5 किलोग्राम कार्टेप हाईड्रोक्लोराइड प्रति एकड़ प्रयोग करना चाहिए। धान की फसल में जड़ की सूंडी का प्रकोप होने पर पौधे पीले हो जाते हैं, फुटाव कम होता है, और पौधे छोटे रह जाते हैं। इस कीट के नियंत्रण के लिए 10 किलोग्राम कार्बेरिल 4 जी या 10 किलोग्राम कार्बोफ्यूरान 3 जी का प्रयोग प्रति एकड़ करें। संवाद