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हापुड़ शिफ्ट होगा सिद्धार्थनगर का गन्ना कार्यालय!

Wed, 17 May 2017 10:40 PM IST
siddharthnagar
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सिद्धार्थनगर। 
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जिले के गन्ना किसानों के लिए बुरी खबर है। दशकों पहले बढ़नी की चीनी मिल को मेरठ के मवाना में शिफ्ट कर दिया गया था और अब जिला गन्ना कार्यालय को भी पश्चिमी यूपी में शिफ्ट करने की तैयारी शुरू हो गई है। हापुड़ में गन्ना कार्यालय शिफ्ट करने की सुगबुगाहट के बीच इसके विरोध के सुर मुखर होने लगे हैं। सांसद ने सीएम को पत्र लिखकर कार्यालय अन्यत्र न शिफ्ट करने की मांग की है। हालांकि विभागीय अफसर इस बारे में कोई टिप्पणी करने से बच रहे हैं। उनकी दलील है कि उन्हें कोई अधिकृत सूचना अभी नहीं मिली है।
गन्ना जिले की कभी मुख्य फसल रही है। कुल 242527 हेक्टेयर कृषि क्षेत्रफल में करीब साढ़े छह हजार हेक्टेयर गन्ने का रकबा रहा है। तब बढ़नी में चीनी मिल भी संचालित थी। पचास के दशक में इस चीनी मिल को मेरठ के मवाना में शिफ्ट कर दिया गया। उसके बाद से लगातार गन्ने की खेती से किसान दूर होते चले गए। प्रोत्साहन और संरक्षण न मिलने से यह खेती लगातार सिमटती जा रही है। पूर्ववर्ती सरकारों में गन्ना उत्पादन को बढ़ाने पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। नई सरकार ने गन्ना किसानों को प्राथमिकता में रखा है। गन्ना की बिक्री और भुगतान को लेकर सरकार की संजीदगी को देखते हुए जिले के किसान फिर से गन्ने की खेती की ओर रुख करने का मन बना रहे हैं। 20 फीसदी गन्ने का रकबा बढ़ाने का लक्ष्य भी रखा गया है। इस बीच गन्ना कार्यालय के अन्यत्र शिफ्ट करने की सुगबुगाहट से किसानों में असंतोष बढ़ने लगा है। मदवा निवासी गन्ना किसान राजकुमार मिश्र का कहना है कि एक तरफ सरकार गन्ना उत्पादन को बढ़ाने पर जोर दे रही है तो दूसरी ओर कार्यालय अन्यत्र शिफ्ट किया जाना उचित नहीं है। कार्यालय नहीं होगा तो कि किसान किसके भरोसे उत्पादन, बिक्री और भुगतान प्राप्त कर सकेंगे। किसानों की शिकायत के बाद सांसद जगदंबिका पाल ने भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर गन्ना कार्यालय को अन्यत्र न शिफ्ट करने की मांग की है। सांसद ने पत्र में लिखा है कि गन्ना उत्पादन बढ़ाने के लिए जिले में दो चीनी मिल खोलना जरूरी है। ऐसे में गन्ना कार्यालय यहां होना जरूरी है। इस बाबत जिला गन्ना अधिकारी बीके गोयल का कहना था कि कार्यालय को अन्यत्र शिफ्ट किए जाने का कोई अधिकृत आदेश अभी प्राप्त नहीं हुआ है। गन्ना उत्पादन बढ़ाने को लगातार प्रयास किया जा रहा है। शासनादेश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। 
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इनसेट
21989 किसान हैं गन्ना समितियों में पंजीकृत
जिले के गन्ना विकास समिति बढ़नी अंतर्गत 12565 गन्ना किसान पंजीकृत हैं। समिति का गन्ना क्षेत्रफल 1036 हेक्टेयर है। इसके अलावा वाल्टरगंज, बस्ती और बभनान गन्ना विकास समिति में 9424 किसान 5097 हेक्टेयर में गन्ने की खेती करते हैं। जिले का गन्ना तुलसीपुर, रुधौली, बभनान के चीनी मिलों में बिक्री के लिए जाता रहा है। 
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