शिवपति पीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर छात्र मंगलवार को आंदोलित हो गए। समाजवादी छात्र सभा के नेतृत्व में छात्रों ने कॉलेज परिसर में धरना शुरू कर दिया है।
कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों ने चेतावनी दी है कि जब तक मांग पूरी नहीं होती, वह धरने से नहीं हटेंगे। उधर, कॉलेज प्रशासन ने भी स्पष्ट कर दिया है कि मार्च से शुरू हो रही परीक्षाओं के कारण अब चुनाव नहीं कराया जा सकता।
धरने को संबोधित करते हुए छात्र नेता योगेश शुक्ल ने कहा कि तीन माह पूर्व छात्रसंघ चुनाव कराने का लिखित ज्ञापन प्राचार्य व मुख्य नियंता को दिया गया था।
तब चुनाव कराने का आश्वासन दिया गया था। मगर अब चुनाव कराने से प्राचार्य मुकर रहे हैं। समाजवादी छात्र नेता वसीम अंसारी ने आरोप लगाया कि एबीवीपी का प्रत्याशी कालेज में नहीं होने के कारण प्राचार्य छात्रसंघ चुनाव कराने में टालमटोल कर रहे हैं।
यह आंदोलन तब तक नहीं समाप्त होगा, जब तक छात्र संघ चुनाव की घोषणा नहीं हो जाती। इसकी जिम्मेदारी सिर्फ प्राचार्य और महाविद्यालय प्रशासन की होगी। छात्र संघ उपाध्यक्ष मुश्ताक अहमद ने कहा कि शिवपति पीजी कॉलेज के प्राचार्य एबीवीपी के समर्थक हैं।
इसलिए हमारे कॉलेज में चुनाव अभी तक नहीं कराया गया। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष दीपक यदुवंशी ने आंदोलन पर उतरे छात्र नेताओं को समर्थन करते हुए कहा कि मांग जायज है। अब कॉलेज प्रशासन समय न होने का बहाना बना रहा है। राजनीति की शुरुआत कॉलेज से होती है।
ऐसे में छात्र नेताओं की मांग जायज है और कॉलेज प्रशासन को चुनाव कराने की अनुमति देनी चाहिए। इस दौरान आदित्य प्रताप सिंह, पुनीत पांडेय, जितेंद्र वर्मा और जितेंद्र चौधरी आदि मौजूद रहे।
इस संबंध में शिवपति पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरपी सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय की परीक्षा एक मार्च से शुरू हो रही है। ऐसे में छात्रसंघ का चुनाव करा पाना संभव नहीं है और कॉलेज के विद्यार्थी भी चुनाव को लेकर सहमत नहीं है।