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Siddharthnagar News: हैंगिंग के कारण से हुई छात्रा की मौत

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-भवानीगंज थाना क्षेत्र के राजकीय पाॅलीटेक्निक काॅलेज देईपार में रविवार को छात्रा ने की थी खुदकुशी
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संवाद न्यूज एजेंसी
भनवापुर। भवानीगंज थाना क्षेत्र के महाकारुदणिक तथागत गौतम बुद्ध राजकीय पालीटेक्निक काॅलेज देईपार के छात्रावास में रविवार की दोपहर करीब डेढ़ बजे संदिग्ध परिस्थितियों में एक छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। मंगलवार को आई पीएम रिपोर्ट में हैंगिग आया है। शरीर में कहीं कोई चोट का निशान आदि नहीं मिला है।
इस मामले में परिजनों की तरफ से पुलिस तहरीर का इंतजार कर रही है, अगर कोई तहरीर मिलती है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। रविवार को छात्रावास के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाली छात्रा के परिजनों को पोस्टमार्टम के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया। वार्डन के तहरीर पर भवानीगंज पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद परिजनों के द्वारा तहरीर का इंतजार कर रही है, मंगलवार को देर शाम छात्रा के आत्महत्या से संबंधित किसी के द्वारा कोई तहरीर नहीं दी गई थी। थानाध्यक्ष रामदेव ने बताया कि इस मामले में कोई तहरीर नहीं मिली है, अगर मिलती है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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क्षेत्र में इस तरह का और आ चुका है मामला

भवानीगंज थाना क्षेत्र के बयारा स्थित बालिका बालगृह में इस तरह का मामला वर्ष 2017 में आ चुका है। इस बालगृह में रहने वाली एक बालिका ने प्रबंधक पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए फिनायल पीकर आत्महत्या का प्रयास किया था। तत्कालीन जिला प्रोबेशन अधिकारी के द्वारा बालिका बालगृह का निरीक्षक किया गया, जिसमे बालिका ने वहां की अव्यवस्थाओं के साथ ही उत्पीड़न के बारे में शिकायत की थी, जिसके बाद उक्त बालिका को शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न से तंग आकर उसने आत्महत्या का प्रयास किया था। हालांकि समय से इलाज मिलने पर वह बच गई थी। उस दौरान मामले को प्रबंधक के द्वारा प्रेम प्रसंग से जोड़ा गया था। उसके कुछ ही दिनों में बालिका ने बयान बदला और प्रबंधक सलाखों के पीछे चला गया। थाना क्षेत्र के महाकारुदणिक तथागत गौतम बुद्ध राजकीय पॉलीटेक्निक काॅलेज देईपार में छात्रा की आत्महत्या के मामले में भी लोग प्रधानाचार्य व वार्डन के तानाशाही रवैया की चर्चा तेज है। लोगों का कहना है कि इसके पूर्व प्रधानाचार्य से लोग काफी प्रभावित थे। उस समय छात्रों की संख्या भी थी, मगर इस प्रधानाचार्य के आने से छात्र-छात्राओं में कमी आई है। किसी भी स्टाफ व छात्रों को विद्यालय के बारे में जानकारी देने पर परीक्षा खराब करने व स्टाफ को मेमो देने की धमकी दी जाती है। इसलिए कोई इस पाॅलीटेक्निक की समस्या, प्रताड़ना व अव्यवस्थाओं के बारे में जानकारी देने से कतराते हैं। यहां तक की किसी भी मीडिया कर्मियों को कभी भी काॅलेज परिसर में जाने के लिए रोक लगा रखी है।
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