प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की तीन दिवसीय प्रदेश व्यापी हड़ताल के पहले दिन बुधवार को सभी विभागों के कर्मचारियों ने कामकाज ठप कर विकास भवन परिसर में सभा की। इसकी अध्यक्षता संघर्ष समिति के अध्यक्ष एसएन पांडेय ने की।
सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने, केंद्र के समान महंगाई भत्ता, संविदा आउटसोर्सिंग माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करने, कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने की मांग को लेकर कर्मचारी आंदोलित हैं। इसके अलावा कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 26 हजार करने, रिजवी समिति की रिपोर्ट लागू करने, लिपिकीय संवर्ग के कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन बढ़ाने व आशा कार्यकर्ताओं का मानदेय न्यूनतम 15 हजार कर नियमित करने की भी मांग की गई।
सभा को वरिष्ठ उपाध्यक्ष भूपेश शुक्ल, मंत्री शिवाकांत पांडेय, प्रवीण श्रीवास्तव, ओम प्रकाश पाठक, संतोष पाठक, रणजीत यादव, इंद्रजीत यादव आदि ने भी संबोधित किया। इस दौरान नुरुल कमर, विनय कुमार, सुरेश पांडेय, राजकुमार श्रीवास्तव, सुजीत जायसवाल, शैलेंद्र गुप्ता, जमुना प्रसाद आर्य, हरीश चंद्र, अवधेश गुप्ता, दीपेंद्रमणि त्रिपाठी, रामकिशुन यादव, रविंद्र कुमार आदि मौजूद रहे। वहीं, जिला अस्पताल पर भी कर्मचारियों ने उक्त मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के मंडल मंत्री अरुण कुमार प्रजापति, गोविंद ओझा, वाईसी यादव, पीएन मिश्रा, ओपी लाल, बी.राम, जयनारायन पांडेय आदि मौजूद रहे।