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साथियों पर हमले के विरोध में हड़ताल पर रहे लेखपाल

Tue, 09 Jan 2018 10:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
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strike - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सिद्धार्थनगर। प्रदेश के विभिन्न जिलों में साथियों की हत्या और हमले के विरोध में जिले के लेखपाल हड़ताल पर रहे। तहसीलों में धरना देकर हमले की निंदा की। हमलावरों की गिरफ्तारी, पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता और लेखपालों को सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की। साथ ही मांगों से संबंधित 10 सूत्रीय ज्ञापन मुख्यमंत्री को प्रेषित किया।
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उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के बैनर तले सदर तहसील में आयोजित धरने में वक्ताओं ने कहा कि एंटी भू-माफिया, सीमा जोतक चिह्नों की कोडिंग, कृषक ऋणमोचन, वरासत अभियान जैसे समयबद्ध कार्यक्रम एक साथ संचालित किए जाने से लेखपाल तनाव में हैं। कार्य पिछड़ने पर अधिकारी लगातार उत्पीड़न कर रहे हैं। बैंक और कृषि विभाग से ऋणमोचन को लेकर भ्रामक सूचनाओं से लेखपालों के प्रति किसानों की नाराजगी बढ़ रही है। अवैध कब्जा धारकों के खिलाफ कार्रवाई में भी लेखपालों को ही ढाल बनाया जा रहा है। ऐसे में लेखपाल सबके निशाने पर आ रहे हैं। अलीगढ़ के खैर तहसील, आगरा और चंदौली के सदर तहसील क्षेत्र में लेखपालों की हत्याएं इसी का परिणाम है। मारपीट की घटनाएं आम हो गई है। प्रदेश के लेखपाल इन घटनाओं से भयभीत हैं।
लिहाजा सरकार ठोस कदम उठाते हुए लेखपालों को सुरक्षा सुनिश्चित करें या लेखपालों को ढाल बनाना बंद करें। सदर तहसील में धरने के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार अश्वनी कुमार को सौंपा गया। धरने में तहसील अध्यक्ष कृष्ण भूषण द्विवेदी, गिरीश चंद्र मिश्रा, जिला मंत्री रामसमुझ, महेंद्र साहनी, अनिल मौर्य, रामकरन गुप्ता, सुधीर श्रीवास्तव, महेंद्र शर्मा, योगेंद्र वर्मा, फारुक, मनोज त्यागी, सुधीर बख्शी, देवानंद, नरेंद्र देव, रामशंकर दुबे आदि शामिल रहे।
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