सिद्धार्थनगर। लेखपाल संघ का वेतन विसंगति दूर करने सहित छह सूत्रीय मांगों को लेकर दूसरे दिन शुक्रवार को भी कार्य बहिष्कार कर धरना जारी रहा। नाराज लेखपालों ने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी बहिष्कार कर धरना जारी रहेगा। इस दौरान जिलाध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि सरकार लेखपालों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है।
पूरे मनोयोग से काम करने वाले लेखपालों के हितों को अनदेखा किया जा रहा है, इसे संगठन बर्दाश्त नहीं करेगा। वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामकरन गुप्ता ने कहा कि वेतन विसंगति को दूर करते हुए वेतन में वृद्धि की जाए। लेखपाल पदों पर चयन के लिए योग्यता स्नाकत की जाए। लेखपालों पद को बदलकर उप राजस्व निरीक्षक किया जाए। 2005 के बाद नियुक्त लेखपालों को पेंशन दिया जाए। स्थानांतरण निति में बदलाव किया जाए। इसके लिए संगठन के सभी लोगों को पूरे निष्ठा से साथ देने की जरूरत है। नौ
गढ़ तहसील अध्यक्ष कृष्ण भूषण दुबे, कोषाध्यक्ष सुधीर श्रीवास्तव, रामदेव, ने कहा मांगे पूरी नहीं होने तक कार्य बहिष्कार व धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इस दौरान देवानंद, दिनेश कुमार महेन्द्र कुमार, जगदीश, साहनी,दिलीप चौरसिया, रामसमुझ, श्रीराम चौरसिया, सुनील श्रीवास्तव, अरुण श्रीवास्तव, हरीशचंद तिवारी, मोतिन अहमद, प्रियंका, मंजरी गुप्ता, आरती मिश्रा, दिलीप चौरसिया और श्यामनाथ यादव आदि मौजूद रहे।
ट्रेड यूनियन के आह्वान पर श्रम कानूनों के पालन की मांग को लेकर जिले में विभिन्न बैंकों की शाखाओं में शुक्रवार को कामकाज ठप रहा। मांगों के समर्थन में लिपिकीय व चतुर्थ श्रेणी वर्ग के कर्मचारियों ने हड़ताल रखी। आठ घंटे काम लेने, मूल वेतन में बढ़ोतरी सहित अन्य मांगों के समर्थन में कर्मचारियों ने आवाज बुलंद की। हड़ताल से नगर स्थित केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक सहित अन्य बैंक शाखाओं में काम प्रभावित रहा। इन बैंकों से जुड़े ग्राहकों को लेन-देन के लिए यहां-वहां भटकना पड़ा।
एसबीआई की शाखाओं व एटीएम पर भीड़ लगी रही। एसबीआई के जिला अग्रणी प्रबंधक कल्पनाथ ने बताया कि कुछ बैंकों में ही हड़ताल का असर रहा। एसबीआई की सभी शाखाएं खुली थी। इससे कामकाज पर बहुत प्रभाव नहीं पड़ा। लेन-देन सुचारु रूप से जारी रहा।
अखिल भारतीय सेंट्रर फॉर इंडियन ट्रेड यूनियन के आह्वान पर मिड-डे-मील रसोइयां कर्मचारी यूनियन ने शुक्रवार को बीएसए कार्यालय पर प्रदर्शन किया। नगर में जुलूस निकाल नारे लगाए और मांगों को शीघ्र पूरा करने की आवाज बुलंद की। प्रदर्शन में शामिल रसोइयों ने कहा कि एक तरफ दैनिक मजदूरी 246 रुपये निर्धारित किया गया है तो दूसरी ओर प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों को 33 रुपये मानदेय दिया जा रहा है।
संघ इसकी निंदा करता है। जिला संयोजक विजयनाथ तिवारी ने कहा कि सरकार को श्रमिकों व रसोइयों का न्यूनतम मानदेय 18000 रुपये प्रतिमाह करना चाहिए। पंकज प्रसाद गोंड ने कहा कि निजीकरण की व्यवस्था नहीं चलने दी जाएगी। सरकार रसोइयों को राज्य कर्मचारी का दर्जा दे। प्रदर्शन में जिला सचिव श्यामलाल वर्मा, राम उजागिर, दिलीप कुमार, सफीकुर्रहमान, शत्रुधन, श्याम सुंदर, आशीष, ओमप्रकाश तिवारी, जेठू, महेश, ज्ञानमती, जगदीश, रीता, गीता, मालती, शीला देवी आदि मौजूद रहे।
अखिल भारतीय दवा प्रतिनिधि संघ के आह्वान पर शुक्रवार को सिद्धार्थनगर इकाई के सदस्य हड़ताल पर रहे। नगर में बाइक जुलूस निकाल कर प्रदर्शन किया। सिविल लाइन स्थित जिला कार्यालय से शुरू हुआ बाइक जुलूस रेलवे क्रॉसिंग, सिद्धार्थ तिराहा सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए पूरे नगर का भ्रमण किया। इस दौरान सदस्यों ने न्यूनतम 18 हजार रुपये मानदेय, 8 घंटे काम, निजी क्षेत्र में श्रम कानूनों के पालन सहित 12 सूत्री मांगों के समर्थन में नारे लगाए।
बाइक जुलूस में अध्यक्ष अरुण पाठक, चंद्रभान त्रिपाठी, विधान पांडेय, वीरेंद्र, सिंटू, पप्पू, श्यामलाल, धर्मेंद्र, शिवेंद्र, शशिकांत, शमीम, बुद्धिसागर, डीके सिंह, राघवेंद्र, शंभू, भूपेंद्र, संदीप, अखिलेश, विकास, दुर्गेश, नरेंद्र, राजेश, संतोष, स्वामीनाथ, ऋषभ पांडेय, रिंकू वर्मा, पंकज, अमन, मिथिलेश, बृजेश, जयप्रकाश, विक्की और अरुणेश त्रिपाठी आदि शामिल रहे।