सिद्धार्थनगर। कृषि संसाधनों की बदहाली, धान खरीद में हीलाहवाली, उपज का उचित मूल्य न दिए जाने सहित तमाम मुद्दों को लेकर सपा कार्यकर्ताओं ने शनिवार को तहसीलों में धरना देकर प्रदेश सरकार को किसान विरोधी करार दिया। किसानों की बेहतरी के लिए सरकार की घोषणाओं को हवा-हवाई बताते हुए नीतियों की आलोचना की। राज्यपाल को संबोधित नौ सूत्री ज्ञापन तहसील प्रशासन के अफसरों को सौंपते हुए किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने की मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि जब अखिलेश यादव मुख्यमंत्री थे तब किसानों को मुफ्त बिजली, फसल बीमा, समय पर बिजली, उर्वरक व बीज की पर्याप्त उपलब्धता सहज थी। भाजपा सरकार आने के बाद से प्रदेश में किसानों के दुर्दिन शुरू हो गए हैं। खेती के समय उन्हें जरूरी सुविधाओं के लिए भटकना पड़ रहा है। न तो नहर में पानी आ रहा है और न ही ट्यूबवेल चालू हालत में है। बिजली व्यवस्था ध्वस्त है। किसान अगर खून-पसीना एक कर फसल तैयार कर रहा है तो उपज का उचित मूल्य भी दिलाने में सरकार विफल है। किसानों को आलू सड़कों पर फेंकना पड़ रहा है। सरकारी केंद्रों पर धान खरीद ठप है। किसान बिचौलियों के हाथ औने-पौने दामों पर उपज बेच रहे हैं। वर्ष 2017 के गन्ना पेराई का करीब 1500 करोड़ रुपये अभी भी बकाया है। किसान समस्याओं पर रवैया पूरी तरह उपेक्षापूर्ण है। इससे जाहिर हो रहा है कि भाजपा सरकार किसान विरोधी है।
सदर तहसील में धरने में पूर्व विधायक विजय पासवान, जिला सचिव अनूप यादव, सोनू यादव, इंद्रासना त्रिपाठी, जुबैदा चौधरी, अब्दुल कलाम सिद्दीकी, नागेंद्रनाथ चतुर्वेदी, जमीर अहमद, चंद्रमणि यादव, कामता यादव, राहिब रिजवी, नियाज अहमद, लवकुश साहनी, सुनील पासवान, जीशान लारी, मो. रफीक, चंद्रजीत यादव, अयोध्या साहू आदि मौजूद रहे। शोहरतगढ़ तहसील कार्यालय पर धरने में उग्रसेन प्रताप सिंह ने सपा कार्यकर्ताओं को फर्जी मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाया। यूथ बिग्रेड के जिलाध्यक्ष मो. मुस्तफा, जिला सचिव मकबूल अहमद, लोहिया वाहिनी के सचिव अब्दुल कलाम, महासचिव सत्या सिंह, प्रदेश सचिव यूथ बिग्रेड खुर्शीद अहमद, घनश्याम पांडेय, सदानंद उपाध्याय, रामू यादव, विक्रम यादव, हरिराम भारती, अबू बकर खान, शिवकुमार शुक्ल, जुगल किशोर पाठक, मुरली मिश्र, मो.इद्रीश, विजय प्रताप, शक्ति सिंह, गुड्डु सिंह, अर्जुन चौधरी, मेहताब आलम, बीडीसी राजू पांडेय, रवि चौधरी, अवधेश यादव, बदरे आलम, मुकेश राज पांडेय, आशीष अग्रहरि आदि थे। अध्यक्षता हरिराम यादव व संचालन सपा जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र तिवारी ने किया।
उधर, बांसी में राज्यसभा सांसद आलोक तिवारी व पूर्व विधायक लालजी यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने धरना दिया। धरने में नगर पालिका अध्यक्ष मो. इद्रीश पटवारी, विभा शुक्ला, मोनू दुबे, सछास के जिलाध्यक्ष अंबिकेश श्रीवास्तव, कृष्ण कुमार त्रिपाठी, तुफैल अहमद, ईश्वर चंद्र दुबे, धीरू यादव, सूरज यादव, शांति आर्य, अली हुसेन खान, परवेज अहमद, अमित बख्शी, आमिर खान, विनय रावत आदि शामिल रहे। इटवा तहसील में धरने को संबोधित करते हुए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर विफल है। धरने में पूर्व विधायक सईद भ्रमर, जिलाध्यक्ष अजय चौधरी, सुधीर शर्मा, बेचई यादव, मौलाना मुईद, तौलेश्वर निषाद, उदयभान तिवारी, रज्जन पांडेय, दिनेश मिश्रा, बबलू पाठक, नुंदी काका, तौलेश्वर तिवारी, लतीफ, रमेश तिवारी, लवकुश यादव, राम धीरज, हरी सिंह, अनूप सिंह, उमेश यादव,बब्बू तिवारी आदि मौजूद रहे। संचालन कमरूज्जमा खां ने किया।
डुमरियागंज। राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर शनिवार को सपा कार्यकर्ताओं ने तहसील कार्यालय पर प्रदर्शन कर एसडीएम के जरिए राज्यपाल को सूत्री ज्ञापन भेजा। तहसील परिसर में हुई सभा में रामकुमार उर्फ चिनकू यादव ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार में किसान बेहाल है। मुख्यमंत्री और उनके मंत्री मंडल के सदस्य अपने भाषणों में किसान के कल्याण के अनेक योजनाओं व कार्यक्रमों की घोषणा प्रतिदिन करते आ रहे हैं, लेकिन हकीकत में किसानों के हित में सरकार ने कोई भी कदम नहीं उठाया है। धरने को सपा उपाध्यक्ष अफसर रिजवी, अजय यादव, रामचंद्र चौरसिया, घिसियावन यादव, अनिल कुमार गौतम, अतीकुर्रहमान, परशुराम यादव, दिलीप पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष गरीबदास गौतम, रामउजागिर, नेहाल अहमद, सत्यनारायण यादव, सच्चिदानंद श्रीवास्तव, बद्रीनाथ गुप्ता, ओमप्रकाश श्रीवास्तव, विजय कुमार अग्रहरि, गंगाराम प्रजापति, अवधेश प्रताप सिंह, पंकज कुमार अग्रहरि, मोहम्मद जमाल, लवकुष तिवारी, मनव्वर रिजवी, काजी किताबुल्लाह, मुरारी पांडेय, पवन यादव और नसीम अहमद आदि मौजूद थे।