सिद्धार्थनगर। बिल की गड़बड़ी और व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए शुरू की गई स्मार्ट मीटर की व्यवस्था ने उपभोक्ताओं की सुविधा के बजाय उनकी समस्या को कई गुना बढ़ा दिया है।
बिजली बिल में भारी अंतर आने से उपभोक्ता कार्यालय का चक्कर लगाकर तंंग हो जा रहे हैंं। हाल यह है कि 80 प्रतिशत शिकायतें बिल में भारी अंतर और स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की आ रही है। जो बिल सुधार के लिए पहुंच रहे हैं।
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उपभोक्ताओं कहना है कि जबसे स्मार्ट मीटर लगा है, यह समस्या बढ़ी है। फिलहाल अभी यह व्यवस्था शहर यानी नगर पालिका और नगर पंचायत में है। जब गांव में लागू होगी तो शिकायतें की भरमार हो जाएगी। उपभोक्ता बिल के सुधार के लिए चक्कर लगाते-लगाते परेशान हो जाएंगे। विद्युत मेगा कैंप की पड़ताल में भी बिल की गड़बड़ी की शिकायतें अधिक आ रही हैं। लोगों का कहना है कि अगर व्यवस्था में बदलाव नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में और बड़ी समस्या उत्पन्न होगी।
80 प्रतिशत बिल में सुधार के लिए गुहार वाले उपभोक्ता: नगर विद्युत फीडर पर सोमवार को मेगा कैंप का आयोजन किया गया। यहां जब पहुंचे तो अधिकांश लोग बिजली बिल में सुधार वाले थे। 80 प्रतिशत उपभोक्ता ऐसे रहे जिनका बिल एक हजार के बजाय 5 से आठ हजार तक आ गया है। तो किसी को पहले माह में 10 हजार तो तीसरे माह में 30 हजार आ गया। अब उसके सुधार के लिए लोग परेशान हैं। उसका निवासी रमेश ने बताया कि उनका हर माह 500-700 रुपये बिल आता था, वह बढ़कर 1500-2000 हजार रुपये और अगले माह कई गुना बढ़कर आ गया। बिल में सुधार के लिए पांच चक्कर लगा चुके हैं। अब देखना है काम हो पाएगा या नहीं। वहीं, रिंकू, महेश और रियाज का भी बिल से गड़बड़ी से जुड़ा मामला था।