- नगर की गली मोहल्ले के सभी बिजली पोलों पर लगेंगे स्मार्ट डस्टबिन
- ऊपर से डालने और नीचे से खोलकर कूड़ा निकालने की रहेगी व्यवस्था
- इससे शहर में जगह-जगह नहीं लगेगा कूड़े का ढेर, गाड़ी को उठाने में भी होगी आसानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। शहर का हर गली-मोहल्ला अब स्वच्छ नजर आएगा। घरों के सामने सड़क पर कूड़ा नहीं दिखेगा। लोग डस्टबिन में कूड़ा डाल सके, इसके लिए नगर के 25 वार्डों में स्मार्ट डस्टबिन लगाए जाएंगे। ये गली और मोहल्लों के बिजली के पोल पर रहेंगे। डस्टबिन इतनी उंचाई पर रहेगा कि लोग आसानी से कूड़ा डाल सकें। इसी माह के अंत तक डस्टबिन लग जाने की उम्मीद है।
यह इसलिए किया जा रहा है कि मोहल्लों में जमीन पर रखे गए डस्टबिन से कूड़ा इधर-उधर फैल जाता है। वहीं, कुछ स्थानों पर सड़क पर ही फेंक दिया जाता है। जिससे गंदगी होने के साथ ही आने- जाने वालों को परेशानी होती है। स्मार्ट डस्टबिन लगने से यह दिक्कत नहीं होगी।
गौरतलब है कि सीमा विस्तार के बाद नगर पालिका का दायरा काफी बढ़ गया है। इससे कई गांव शहरी हो गए हैं। इन गांवों को शहर के तर्ज पर लाने के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कूड़ा प्रबंधन की समस्या लगातार बनी हुई है। कूड़ा रखने के लिए डस्टबिन की व्यवस्था तो की जाती है, लोग डालते भी हैं। जमीन पर होने के कारण कूड़ा फैल जाता है। कुछ परिवार ऐसे भी होते हैं जो डस्टबिन में डालने के बजाय सड़क पर ही गिरा देते हैं। इससे गंदगी फैलती है और कूड़ा उठाने वालों को भी समस्या होती है।
इसे देखते हुए महानगरों की तर्ज पर स्मार्ट डस्टबिन लगाए जाने की कवायद शुरू की गई है। इससे कूड़ा डालने के साथ ही ढ़ोने वाली गाड़ी को ले जाने में भी सहूलियत होगी। क्योंकि, नीचे खोलने की व्यवस्था रहेगी। खोलते ही किसी वस्तु में उठाकर गाड़ी में लोड कर देंगे। जमीन पर गिरने की नौबत ही नहीं आएगी। 30 0 लाख रुपये से अधिक नगर पालिका प्रशासन की ओर से खर्च किया जाएगा।
25 वार्डों से निकलता है इतना कूड़ा
नगर पालिका में प्रतिदिन १०० क्विंटल से अधिक कूड़ा निकलता है। इसके लिए ट्रॉली और छोटी गाड़ियों सहित 20 गाड़िया ढुलाई में लगीं हैं। डस्टबिन न होने के कारण कूड़ा उठाने में दिक्कत होती है और कई स्थानों पर छोड़कर ही चले जाते हैं। स्मार्ट डस्टबिन लगने से न तो कूड़ा जगह- जगह फैलेगा और न ही परेशानी होगी।
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एक हजार से अधिक बिजली के पोल पर लगाने का लक्ष्य
जमीन पर रखे जाने वाला डस्टबिन मोहल्ले में कुुछ चुनिंदा स्थानों पर ही रखे जाते हैं। इसलिए लोग घर से दूर जाने के बजाए सामने ही गिरा देते हैं। बिजली के पोल पर लगने से ऐसा कम होगा, क्योंकि तो हर दो से तीन घर के बीच एक पोल जरूर है। जब दो तीन घर की बात रहेगी तो लोग डस्टबिन में ही डालेंगे। एक हजार से अधिक बिजली के पोल पर इन्हें लगाए जाने का लक्ष्य है।
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बोले जिम्मेदार
शहर में कूड़ा प्रबंधन की विशेष व्यवस्था के लिए स्मार्ट डस्टबिन लगाए जाने हैं। इसके लिए कागजी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। ये डस्टबिन पोल पर लगाए जाएंगे। ताकि कूड़ा फैलने की समस्या दूर हो जाए।
- गोविंद माधव, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद सिद्धार्थनगर