44 फरियादियों के हाथ लगी निराशा, 36 का हुआ समाधान
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जिले के सभी थानों में आयोजित हुआ थाना समाधान दिवस
एएसपी व सीओ ने कई थानों में सुनी फरियादियों की समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। जिले के सभी थानों में शनिवार को थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इसमें कुल 80 मामले आए थे। मौके पर 36 मामलों का निस्तारण कराया गया। अन्य मामलों में पुलिस व राजस्व विभाग की संयुक्त टीम को मौके पर जाकर स्थलीय स्थिति को देखते हुए निस्तारण करने का निर्देश दिया गया। शोहरतगढ़ एएसपी मायाराम वर्मा ने फरियादियों की समस्याओं को सुना और निस्तारण करने का निर्देश दिया। साथ ही राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम को भूमि से जुड़े मामलों में एक साथ मौके पर जाकर निस्तारण करने के लिए कहा गया। एएसपी ने कहा कि थाने पर आने वाले सभी फरियादियों की समस्याओं को ध्यान से सुना जाए और उसका निस्तारण किया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी क्रम में सदर थाना में एसओ डीसी चौधरी, उसका में अंजनी राय, लोटन अवधनरायन यादव, मोहाना मनोज सिंह, कपिलवस्तु राधेश्याम राय, ढेबरुआ आरबी सिंह, इटवा सत्येंद्र कुमार, त्रिलोकपुर विजय दुबे, बांसी शैलेश सिंह, मिश्रौलिया आलोक कुमार श्रीवास्तव, गोल्हौरा महेंद्र चौहान, खेसरहा रामअशीष यादव, जोगिया रामदरस आर्य की मौजूदगी में लोगों की समस्याओं को सुना गया। डुमरियागंज प्रतिनिधि के अनुसार पथरा बाजार थाने पर तहसीलदार बांसी सतेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में चार मामले पेश हुए, जो सभी राजस्व विभाग से संबंधित थे। इस दौरान थानाध्यक्ष राजेश दूबे ने एक मामले में मौके पर टीम रवाना कर मामले का निस्तारण करने का निर्देश दिया। वहीं, भवानीगंज थाने पर थानाध्यक्ष हरिनारायण दीक्षित की देखरेख में आयोजित हुए समाधान दिवस में तीन मामले पेश हुए, जो राजस्व विभाग से संबंधित रहे। त्रिलोकपुर थाने पर तहसीलदार इटवा राजेश अग्रवाल की मौजूदगी में समाधान दिवस के दौरान पांच मामले पेश हुए। जिसमें राजस्व के 4 व पुलिस के 1 मामले शामिल रहे। जिसमें पुलिस के एक मामले का थानाध्यक्ष विजय दूबे ने त्वरित निस्तारण कर दिया। वहीं, डुमरियागंज थाने पर इंस्पेक्टर केडी सिंह की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में 10 मामले पेश हुए। जिसमें राजस्व के 6 पुलिस के 4 मामले शामिल रहे। जिसमें पुलिस के एक ही मामले का मौके पर निस्तारण हो सका। न्याय की उम्मीद में आए शेष फरियादी मायूस होकर खाली हाथ लौट गए। सभी थानों में आए कुल 80 मामलों में 36 का मौके पर निस्तारण हुआ। अन्य में टीम बनाकर जांच कर निस्तारण का निर्देश दिया गया।