फर्जी बैंक लेकर भागा दर्जनों व्यापारियों की रकम
एक दर्जन से अधिक व्यापारियों से 25 लाख रुपये से अधिक की ठगी
दुकानों पर बैंक का एजेंट भेजकर वसूली जाती थी निर्धारित राशि
पीड़ित व्यापारियों ने सदर पुलिस को दी तहरीर
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। नगर में खुले एक नामी निजी बैंक के नाम पर फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है। फर्जी बैंक द्वारा छोटे व्यापारियों से 25 लाख रुपये से अधिक की ठगी का मामला प्रकाश में आया है। रकम जमा कराने के बाद संचालक व बैंककर्मी फरार हो गए हैं। शुक्रवार को पीड़ित व्यापारियों ने सदर पुलिस को शिकायती पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है।
सदर पुलिस को दिए गए शिकायती पत्र में व्यापारियों ने कहा है कि नगर में एक नामी निजी बैंक की शाखा खुली थी। इस बैंक में प्रतिदिन के हिसाब से 18 माह तक 200 रुपये जमा करने की योजना बताई गई थी जो 72 हजार रुपये बनता था। 18 माह पूरा होने के बाद 90 हजार रुपये देने के लिए कहा गया था। बाद में निजी बैंक का नाम बदलकर दूसरा कर दिया गया। यह बैंक छोटी दुकान करने वाले व्यापारियों से अधिक संपर्क कर उनका खाता खोलती थी। इसके बाद एजेंट के माध्यम से प्रतिदिन दुकान पर जाकर एक खाता धारक से 200 रुपये जमा कराया जाता था। इस बैंक की जिले में तीन शाखाएं खुली थीं। रकम जमा कराने के बाद जब ब्याज सहित रुपये देने का वक्त आया तो बैंक शाखा संचालक सहित सभी बैंककर्मी भाग चुके हैं।
ऑफिस में कोई कर्मचारी नहीं हैं और जो फोन नंबर दिया गया है, उस पर बात नहीं होती है। बैंक द्वारा राजीव कुमार से 1 एक लाख 40 हजार रुपये, गीतेश कुमार से 1 लाख 40 हजार रुपये, विष्णु से 45 हजार, अभिषेक से 18 हजार, प्रदीप से 14 हजार, उज्ज्वल कुमार जायसवाल से 27 हजार, आधा देवी से 48 हजार, राकेश जायसवाल से 30 हजार, मनीष कसौधन से 40 हजार, विशाल से 40 हजार, विक्की से 40 हजार, संतोष कुमार से 80 हजार, संतोष कुमार से 1 एक लाख 60 हजार, सूरज अग्रहरि से 20 हजार रुपये बैंक द्वारा जमा कराने के नाम ठगी कर ली गई है। इसके अलावा सैकड़ों लोगों से 25 लाख रुपये से अधिक लिया गया है। मामले की जांच करते हुए कार्रवाई की जाए और रुपये दिलाया जाए। इस संबंध में एसओ सदर डीसी चौधरी ने बताया कि व्यापारियों द्वारा तहरीर दी गई है। मामले की जांच कराकर सत्यता के आधार कार्रवाई की जाएगी।