-दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना से हर वर्ष 200 युवा पा रहे रोजगार
-ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को मिल रहा प्रशिक्षण, दो से छह माह तक के हैं काेर्स
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास योजना ग्रामीण युवाओं को रोजगार दिलाने में सहायक हो रही है। इस योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर जिले से हर वर्ष 200 से अधिक युवा रोजगार पा रहे हैं। विशेष रूप से बीपीएल सूची में शामिल परिवारों के लिए यह प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इस योजना में 15-35 आयुवर्ग के पुरुष व 15-45 आयुवर्ग की महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
ग्रामीण कौशल विकास योजना का उद्देश्य गरीब ग्रामीण युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ना है। इसमें मनरेगा के श्रमिकों, बेरोजगारों, अल्प शिक्षित अथवा ड्रॉपआउट को प्रशिक्षण दिया जा है। महराजगंज के आनंदनगर में आवासीय प्रशिक्षण केंद्र है। 2014 से संचालित इस योजना से अब तक 2500 से अधिक युवाओं को रोजगार मिल चुका है। वर्तमान में 200 से अधिक युवा प्रशिक्षण ले रहे हैं।
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युवाओं को मिल रहा रोजगारपरक कोर्सेज में प्रशिक्षण
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ग्रामीण युवाओं की क्षमता को पहचान कर उन्हें उनकी रुचि के आधार पर रोजगारपरक प्रशिक्षण दे रहा है। युवाओं को आधुनिक कक्षाओं और लैब में प्रशिक्षण के साथ निशुल्क आवास, भोजन, प्रशिक्षण सामग्री, यूनिफॉर्म आदि की सुविधा भी दी जा रही है। इसमें विभिन्न विषयों जैसे अपैरल, ऑटोमोटिव, ब्यूटी एंड वेलनेस, कैपिटल गुड्स, कंस्ट्रक्शन, डॉमेस्टिक वर्क्स, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हार्डवेयर, फूड प्रॉसेसिंग, ग्रीन जॉब्स, लेदर, आईटी-आईटीईएस, लॉजिस्टिक्स, पावर, रिटेल, मीडिया एंड एंटरटेनमेंट, टेलीकॉम, टेक्सटाइल, टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
वर्जन
दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास योजना के तहत हर वर्ष युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे युवाओं को रोजगार भी मिल रहा है। अब तक 2500 से अधिक युवा रोजगार पा चुके हैं। -सत्यम मिश्रा, प्रबंधक कौशल विकास