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Siddharthnagar News: तीन लाख की आबादी के स्वास्थ्य का जिम्मा छह डॉक्टरों पर

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भनवापुर। ब्लाॅक क्षेत्र की करीब तीन लाख के आबादी के स्वास्थ्य का जिम्मा मात्र छह डाॅक्टरों पर है। ब्लॉक क्षेत्र में स्थित छह पीएचसी व एक सीएचसी पर मात्र छह डाॅक्टर ही तैनात हैं, जिसमें अधिकतर पीएचसी डाॅक्टर विहीन है। इतना ही नहीं इस सीएचसी पर कोई विशेषज्ञ डाॅक्टरों की भी तैनाती नहीं होने से मरीजों को रेफर करना मजबूरी है। लोगों ने इन पीएचसीओं के साथ ही सीएचसी सिरसिया में सृजित पदों पर डॉक्टरों के तैनाती की मांग की है।
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ब्लाॅक क्षेत्र के पीएचसी भनवापुर, पीएचसी बिजौरा, पीएचसी बिस्कोहर में डॉक्टरों की तैनाती नहीं है। सीएचसी सिरसिया में एक अधीक्षक सहित सात चिकित्सकों का पद सृजित है, जिसके सापेक्ष एक के साथ ही मात्र दो ही डाॅक्टरों की तैनाती की गई है। क्षेत्र के गागापुर गांव निवासी पंकज पांडेय ने बताया कि हमारे गांव से मात्र एक किमी. दूरी पर पीएचसी बिजौरा है। जहां एक फार्मासिस्ट की तैनाती अभी हाल ही में की गई है। इस पीएचसी पर डाॅक्टर के न होने से हमें करीब 18 किमी. दूर सीएचसी सिरसिया जाना पड़ता है। सीएचसी सिरसिया जाने पर विशेषज्ञ डाॅक्टरों के न होने से वहां से भी मरीजों को रेफर कर दिया जाता है।
क्षेत्र के बिजवार बढ़ई गांव निवासी नंद किशोर मिश्र ने बताया कि सीएचसी सिरसिया में डाॅक्टरों की कमी के साथ ही विशेषज्ञ डाॅक्टरों के अभाव में मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दर्जा सीएचसी का है, मगर जांच के नाम पर केवल रक्त के कुछ चुने हुए जांच ही हो पाती है। एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड या फिर अन्य रक्त जांच के लिए निजी पैथाेलाॅजी का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में मरीजों की जहां समय पर जांच नहीं हो पाती है, वहीं अधिक पैसा भी खर्च करना पड़ता है।
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हड्डी, आंख, बाल रोग के साथ ही महिला चिकित्सकों के तैनाती की मांग

भनवापुर ब्लाॅक क्षेत्र का इकलौता सीएचसी सिरसिया में कोई भी विशेषज्ञ डाॅक्टर की तैनाती नही है, जिससे मरीजों का इलाज के नाम पर खाना पूरी की जाती है। अगर प्रसव के दौरान किसी नवजात को कोई परेशानी होती है, तो इसे तत्काल बस्ती या सिद्धार्थनगर रेफर किया जाता है। वहीं महिला चिकित्सक के अभाव में सीएचसी केवल प्रसव केंद्र बन कर ही रह गया है। शाहपुर सिंगारजोत मार्ग बलरामपुर जिले को जोड़ता है, जहां से हजारों दो पहिया व चार पहिया वाहनों का आवागमन होता है, जिस करण आएं दिन दुर्घटना होती रहती है। किसी दुर्घटना में घायल को सीएचसी सिरसिया ले जाते हैं, तो केवल सामान्य इलाज कर रेफर कर दिया जाता है। क्षेत्र के मयाराम पांडेय, मोनू पांडेय, विजय मिश्र मैनेजर, पवन गुप्ता, मो.हुसैन आदि ने सीएचसी सिरसिया में रिक्त डाॅक्टरों के साथ ही महिला व विशेषज्ञ डाॅक्टरों के तैनाती की मांग की है।
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बोले जिम्मेदार
डाॅक्टरों की तैनाती के लिए पत्र लिखा गया है, जितने डाॅक्टरों की तैनाती है उनकी समय सारणी बनाकर सीमित संसाधनों के साथ लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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-डॉ. शैलेंद्र मणि ओझा, अधीक्षक, सीएचसी, सिरसिया
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