संवाद न्यूज एजेंसी
गाजियाबाद। वेवसिटी क्षेत्र के काजीपुरा गांव में 23 जुलाई को ज्वार के खेत में मिले युवती के शव की घटना का पुलिस ने रविवार को खुलासा कर दिया। सिद्धार्थनगर निवासी युवती रीमा की हत्या उसके सगे बड़े भाई दीपक ने ही की थी।
भाई के कई बार मना करने के बावजूद वह प्रेमी से शादी की जिद पर अड़ी थी। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त आरी का ब्लेड बरामद कर लिया है। दीपक वेव सिटी में मकानों में पीओपी और रंगाई पुताई का काम करता है।
डीसीपी धवल जायसवाल ने बताया कि 23 जुलाई को शव मिलने पर उसकी पहचान नहीं हुई। इसकी सोशल मीडिया और आसपास की पुलिस को सूचना दी गई। ग्रेटर नोएडा के कासना की रहने वाली ऊषा ने शनिवार रात को युवती की पहचान रीमा के रूप में की। सिद्धार्थ नगर के बंधवाताल की रहने वाली रीमा उनकी भांजी थी।
वह 15 दिन पहले ही मौसी के पास आई थी। वहीं उसका भाई करीब दो महीने से काजीपुरा में रहकर पीओपी का कार्य करता है। 22 जुलाई की रात रीमा अपने भाई दीपक के साथ ही निकली थी। इस मामले में दीपक से पूछताछ करने पर उसने बहन के प्रेम प्रसंग से नाराज होकर हत्या की बात कबूल की है। वहीं जिस ऑटो से दोनों भाई बहन काजीपुरा पहुंचे थे, उसके चालक ने भी आरोपी की पहचान की है।
पहले गला दबाया फिर खेत में ले जाकर रेता गला : पूछताछ में दीपक ने बताया कि ऑटो से उतरने के बाद भी उसने बहन को जिद छोड़ने के लिए कहा था, लेकिन वह प्रेमी को छोड़ने के लिए तैयार नहीं थी। वह प्रेमी से ही शादी करने की जिद पर अड़ी रही। इस बार बात नहीं मानने पर उसने रीमा का गला दबा दिया। जमीन पर गिरने पर दीपक उसे खींचकर ज्वार के खेत में ले गया। उसके जिंदा होने के शक में आरोपी ने अपने पास मौजूद आरी के ब्लेड से रीमा का गला रेत दिया और वहां से भाग गया।