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साहब, ऐसे तो नहीं रुकेगी कटान

Sat, 23 Jul 2016 10:37 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
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शोहरतगढ़ क्षेत्र के बाढ़ कटान स्थल का निरीक्षण करते एसडीएम, तहसीलदार। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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परसा। बूढ़ी राप्ती नदी के किनारे मटियार-झुंगहवा के बीच पीडब्ल्यूडी की सड़क  कटान के कारण नदी में समाहित हो चुकी है। कटान स्थल पर बांस की बैरिकेटिंग  लगा कर उसमें ईटों को बोरों में भरकर कटान को रोके जाने का प्रयास  किया जा रहा है। सड़क को कटान से बचाने के लिए  भुतहवा-मटियार के बीच पीडब्लूडी की ओर से बनवाए जा रहे लाखों की लागत के चार बैरेकेटिंग की  हालत देखने के बाद विभाग की लापरवाही का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।
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बढ़नी ब्लाक का दक्षिणी छोर हमेशा से बाढ़ व नदियों के कटान से प्रभावित  रहता है। सरकार लाखों रुपये कटान स्थल पर खर्च कर रही है, लेकिन जिम्मेदारों  की लापरवाही से इस धन का इस्तेमाल सही रुप से  नहीं हो पा रहा। बूढ़ी राप्ती नदी हर वर्ष तुलसियापुर-कठेला  पीडब्ल्यूडी मार्ग को नुकसान पहुंचा देती है। पीडब्लूडी व सिंचाई विभाग के  ड्रेनेज खंड को भुतहवा-मटियार के बीच बूढ़ी राप्ती नदी के कटान स्थल पर  चार-चार बांस की बैरकेटिंग बनवाने का जिम्मा मिला।
सिंचाई विभाग ने अपना  कार्य तो कर दिया, मगर पीडब्लूडी ने बांस की बैरेकेटिंग से  ऊपरी भाग में ही ईंटों को भरकर अपने काम की इतिश्री कर लिया। ग्रामीणों ने  इसकी शिकायत एसडीएम व तहसीलदार से भी किया। इसी तरह तीन  बैरेकेटिंग मटियार-झुंगहवा के बीच दो वर्ष पहले बना था। विभाग इन्हीं पुराने बैरकेटिंगों से कटान रोकने का प्रयास कर रही है। इस संदर्भ में एसडीएम विनय कुमार पाठक ने कहा कि इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की जाएगी।
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