कोरोना वायरस से बचने के लिए किया जागरुक
सीमा से सटे नेपाल के तौलिहवा में आयोजित हुई भारत-नेपाल मैत्री संघ की बैठक
बीमारी से बचने के लिए दोनों देशों के लोगों ने आपसी सहयोग पर सहमति बनाई
अमर उजाला ब्यूरो
कपिलवस्तु। नेपाल-भारत मैत्री संघ की ओर से सीमा से सटे नेपाल के तौलिहवा स्थित नगर पालिका सभागार में कोरोना वायरस से बचाव जिला अध्यक्ष अनिरुद्ध उपाध्याय की अध्यक्षता में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजित की गई। इसमें महामारी का रूप ले चुकी बीमारी से बचाने को लेकर दोनों देशों की बीच समन्वय स्थापित करके काम करने का निर्णय लिया गया। इस बैठक नेपाल के अधिकारियों जनप्रतिनिधियों के अलावा भारत के कई जनप्रतिनिधि और समाजसेवी शामिल हुए।
मुख्य अतिथि भारत में नेपाल के पूर्व राजदूत दीप कुमार उपाध्याय ने कहा कि किसी भी संक्रमण या वायरस से बचने के लिए दवा से भी ज्यादा जागरूकता की जरूरत पड़ती है। यदि हम पहले से ही सजग रहेंगे तो कोई भी वायरस हम को प्रभावित नहीं कर पाएगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य को स्वस्थ रखने के साफ-सफाई की सबसे बड़ी महत्ता है। विशिष्ट अतिथि बासुदेव रिमाल ने कहा कि कोरोना वायरस से जानकारी ही इसका बचाव है। केंद्रीय सलाहकार कृष्ण बहादुर ने कहा कि भारत-नेपाल के लोग कोरोना वायरस के बारे में जगह-जगह जागरूकता कार्यक्रम को लेकर लोगों को जागरूक करें, जिससे वायरस की चपेट में आने से लोगों को बचाया जा सके। वहीं, भारत के तरफ से प्रधान संघ अध्यक्ष बर्डपुर सुनील यादव ने कहा कि किसी भी वायरस से लड़ने के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है। यदि हम स्वच्छता अपनाएंगे तो हमें आर्थिक, मानसिक सामाजिक सभी प्रकार के लाभ होगा। भारत के तरफ पूर्व उपाध्यक्ष प्रेस क्लब सिद्धार्थनगर जयप्रकाश गुप्ता ने कहा कि नेपाल से सटे भारतीय क्षेत्रों में पड़ने वाली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र एवं उससे बड़ी एवं छोटी इकाई के स्वास्थ्य केंद्रों पर सभी प्रकार की स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है। स्वास्थ्य मेला के माध्यम से लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा रही है। इस दौरान भारत की तरफ से समाजसेवी डॉ. वीरेंद्र श्रीवास्तव, नेपाल के तरफ से कारागार डीएसपी भुवन आर्याल, भंसार प्रमुख तीर्थ पासवान, गांव पालिका प्रमुख बजरंगी चौधरी, एपीएफ के इंस्पेक्टर सुभाष गहराई, बैंक प्रबंधक प्रकाश ग्यवाली, लोक नारायण आदि ने संबोधित किया। इस दौरान ध्रुव यादव, संदीप मद्धेशिया, सीताराम यादव, राकेश राज, किरण सिंह, लक्ष्मी कसौधन, गीता तिवारी, राम मिलन, जंग बहादुर चौधरी, श्रीनारायण आदि मौजूद रहे।