43 डिग्री तक जाने के आसार, जनजीवन पर दिखने लगा असर
कमजोर हवा और साफ आसमान ने बढ़ाई तपिश, लू जैसे हालात
सिद्धार्थनगर। शनिवार को प्रचंड गर्मी ने जनजीवन को सीधे झुलसा दिया। अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 27.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। यह सिर्फ एक दिन की तीखी गर्मी नहीं बल्कि पिछले एक दशक के सामान्य ट्रेंड को तोड़ने वाला संकेत है। जानकार बताते हैं कि आमतौर पर अप्रैल में अधिकतम तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता था, लेकिन इस बार यह लगातार 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचकर हालात को असामान्य और खतरनाक बना रहा है।
पछुआ हवा की रफ्तार कमजोर पड़ने से गर्म हवा का प्रवाह रुक गया है। मौसम विज्ञानी मानते हैं कि जब हवा चलना बंद हो जाती है और आसमान साफ रहता है, तो जमीन और कंक्रीट दिन भर की गर्मी को सोखकर रात में भी छोड़ते रहते हैं। यही वजह है कि 42 डिग्री का तापमान 45 जैसा महसूस हो रहा है।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक आगामी 24 घंटे में पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क बने रहने, औसत तापमान आगे भी सामान्य से 2-3 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने तथा हवा सामान्य व सामान्य से तेज गति से पश्चिमी (लू) चलने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे और भारी पड़ सकते हैं। तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका है। इसके बाद हल्की राहत के संकेत जरूर हैं, लेकिन तब तक लू जैसे हालात बनना तय माना जा रहा है। यानी आने वाले दो दिन निर्णायक होंगे। गर्मी का असर अब साफ तौर पर जनजीवन पर दिखने लगा है। दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा है। दिहाड़ी मजदूर, रिक्शा चालक और ठेला चलाने वाले सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, क्योंकि उनके पास काम रोकने का विकल्प नहीं। स्कूल से लौटते बच्चे और बुजुर्ग जल्दी बीमार पड़ रहे हैं। अस्पतालों में उल्टी, चक्कर, कमजोरी और डिहाइड्रेशन के मरीज बढ़ने लगे हैं।
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शनिवार : अधिकतम 42.4डिग्री, न्यूनतम 27.9 डिग्री
रविवार: अधिकतम 42.7 डिग्री (अनुमान), न्यूनतम 27.2डिग्री
बचाव के प्रमुख उपाय
- दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें
- सिर को गमछा, टोपी या छाते से ढकें
- पर्याप्त पानी, नींबू पानी, छाछ, ओआरएस लें
- हल्के, ढीले और सूती कपड़े पहनें
- खाली पेट घर से न निकलें
- धूप में ज्यादा देर तक न रहें, बीच-बीच में आराम करें
- बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
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